Supreme Court: नीट-यूजी 21 जून को दोबारा परीक्षा मामला, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
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सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह याचिका राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ दायर हुई थी। इसमें लगभग 22 लाख उम्मीदवारों के लिए देशव्यापी दोबारा परीक्षा को चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया। याचिका में 3 मई की परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाया गया था। इसमें उन लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत मांगी गई जो कथित पेपर लीक से जुड़े नहीं थे। मुख्य न्यायाधीश ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी 2026 से संबंधित याचिकाएं पहले से ही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ सुन रही है। यह याचिका भी जुलाई में उसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्व सहायक महानिदेशक मंगला कोहली ने यह जनहित याचिका दायर की है।
एनटीए के फैसले पर सवाल
याचिका एनटीए के 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाती है। इसमें पेपर लीक और कदाचार के आरोपों के बाद दोबारा परीक्षा का आदेश देने को चुनौती दी गई है। याचिका के अनुसार, लाखों निर्दोष उम्मीदवारों के संवैधानिक अधिकारों का बलिदान नहीं किया जा सकता। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में राष्ट्रव्यापी गड़बड़ी के बजाय स्थानीय स्तर पर समझौता पाया गया है। एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को आश्वस्त किया कि दोबारा परीक्षा सुरक्षित और त्रुटि रहित ढंग से होगी।