राजस्थान में एक जगह है रामगढ़। ये विधानसभा क्षेत्र भी है। यहां से 2013 में भाजपा के ज्ञान देव आहूजा विधायक चुने गए थे। 2018 में इनका कार्यकाल खत्म हो गया। पार्टी ने दोबारा टिकट नहीं दिया। आहूजा नाराज हुए, लेकिन पार्टी ने मना लिया और प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया।
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आहूजा हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह कथित तौर पर पांच लोगों को मारने का दावा करते दिखाई दे रहे हैं। ये पहली बार नहीं है जब आहूजा के बयान पर बवाल हो रहा है।
मामला क्या है जिसमें आहूजा ने इस तरह का बयान दिया? बयान पर आहूजा का क्या कहना है? पहले उनके किन बयानों पर बवाल मच चुका है? आइये जानते हैं ...
मामला क्या है?
मामला राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के रामबास का है। यहां चिरंजीलाल नाम के किसान रहते थे। कुछ दिन पहले वह तड़के सुबह शौच करने खेत में गए थे। उसी दौरान अलवर के सदर थाना क्षेत्र से चोर एक ट्रैक्टर चोरी करके आ रहा था। पुलिस और ट्रैक्टर मालिक उसका पीछा कर रहे थे। जब चोर को लगा कि वह पकड़ा जाएगा तो उसने ट्रैक्टर को एक खेत में छोड़ दिया और भाग निकला। इसी खेत में चिंरजीलाल शौच के लिए गए थे। इतने में ही पुलिस और एक विशेष समुदाय के 20 से 25 लोग खेत में पहुंच गए और चिरंजीलाल को चोर समझकर बुरी तरह से पीट दिया। जिससे चिरंजीलाल की मौत हो गई।
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चिरंजीलाल के घर पहुंचे आहूजा ने दिया ये बयान
चिंरजीलाल की मौत के बाद सियासत तेज हो गई। चिंरजीलाल के घर कई हिंदू संगठन और नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया। पूर्व विधायक और भाजपा नेता ज्ञान देव आहूजा भी पहुंचे। इस दौरान वह लोगों को आंदोलन करने की बात कह रहे थे। राजस्थान की कांग्रेस सरकार के आश्वासन के खिलाफ गुस्सा निकाल रहे थे।
वायरल वीडियो में आहूजा बोलते हुए दिखाई देते हैं, 'अब नौकरी के लिए कह गए हैं वो लोग (राजस्थान सरकार)। वो भी संविदा पर नगर पालिका में दे रहे। परमानेंट नौकरी हो तब कोई बात हो। आप सब लोग यहां बैठे हैं। आंदोलन चलाना चाहिए। जबरदस्त चलाना चाहिए।' इसी दौरान आहूजा कहते हैं, 'अब तक तो पांच हमने मारे हैं। ये इस एरिया में पहली बार हुआ है कि उन्होंने मारा है।’ आहूजा लोगों को उकसाते हुए कहते हैं कि उनके ऐसा करने पर उन्हें बरी भी कराएंगे और जमानत भी कराएंगे।
आहूजा का इस वायरल बयान पर क्या कहना है?
बयान वायरल होने के बाद ज्ञानदेव आहूजा ने मीडिया को सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत अर्थ न निकाले। मॉब लिंचिंग में अब से पहले जो लोग मारे गए, वे गौ तस्करी के आरोपी थे, गोकशी के घटनाओं में शामिल थे। धर्म विशेष की भावनाओं के साथ खेल रहे थे। इसलिए वे मारे गए। जबकि चिरंजीलाल ने कोई गुनाह नहीं किया था। फिर भी उसे पीट-पीटकर मार डाला गया।
आहूजा के बयान पर विपक्ष का क्या कहना है?
आहूजा के वीडियो को ट्विट करते हुए टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने टिप्पणी की। उन्होंने लिखा है, मूछों वाला यह भाजपा का राक्षस पांच लोगों को पीट-पीटकर मार डालने का दावा कर रहा है। कह रहा है कि अब तक तो हमने पांच मारे हैं। महुआ कहती हैं कि बुराई का कोई चेहरा होता तो एकदम ऐसा ही होता। इसके बाद महुआ दूसरे ट्वीट में तंज कसते हुए कहती हैं कि भाजपा को बिलकिस बानों के दोषियों का स्वागत करने वाले दल को गुजरात से राजस्थान भेजना चाहिए, जिससे वे इस भाजपा नेता का स्वागत कर सकें।