भारत इस बार 26 जनवरी को अपना 72वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा इंडिया गेट पर भारतीय राष्ट्र ध्वज को फहराया जाता हैं और इसके बाद सामूहिक रूप में खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है। फिर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सलामी दी जाती है। गणतंत्र दिवस को पूरे देश में विशेष रूप से भारत की राजधानी दिल्ली में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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Republic Day 2021: गैस चैंबर में रखी है संविधान की मूल प्रति, जानें इसकी असल वजह
Sat, 23 Jan 2021 01:22 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:22 PM IST
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संविधान की मूल प्रति
- फोटो : social media
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संविधान की मूल प्रति
- फोटो : social media
- संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन ही इसलिए चुना गया, क्योंकि साल 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।
- बता दें कि दुनिया में भारत का ही संविधान है, जो हाथ से बने कागज पर हाथ से लिखा हुआ है।
- संविधान के हर पन्ने पर सोने की पत्तियों वाली फ्रेम बनी है। साथ ही हर अध्याय के आरंभिक पृष्ठ पर एक कलाकृति भी बनाई गई है।
आगे पढ़ेंः सबसे पहले फलालेन के कपड़े में लपेटकर रखा गया था
भारतीय संविधान
- फोटो : social media
- संविधान की मूल प्रति को पहले फलालेन के कपड़े में लपेटकर नेफ्थलीन बॉल्स के साथ रखा गया था।
- लेकिन जांच के बाद पाया गया कि संविधान की प्रति यहां सुरक्षित नहीं थी
- 1994 में संसद भवन के पुस्तकालय में इसे वैज्ञानिक विधि से तैयार चेम्बर में सुरक्षित कर दिया गया।
- इसे और भी सुरक्षित बनाने के लिए ऐसी गैस की आवश्यकता थी, जो कागज के साथ किसी भी तरह की प्रतिक्रिया न करती हो।
- चूंकि भारतीय संविधान काली स्याही से लिखा है, लिहाजा ये आसानी से उड़ (ऑक्सीडाइज) सकती थी। इसलिए नाइट्रोजन को सबसे उपयुक्त माना गया।
आगे पढ़ेंः कुछ इस तरह से की जाती है सुरक्षा और जांच की निगरानी
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भारतीय संविधान
- फोटो : पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- नमी को बरकरार रखने के लिए चेम्बर में गैस मॉनिटर लगाए गए।
- प्रत्येक दो महीने पर संविधान की मूल प्रति की सेहत जांची जाती है।
- सीसीटीवी कैमरे से इस पर लगातार निगरानी रहती है।
- इसे बचाने के लिए नमी 50 ग्राम प्रति घन मीटर के आस-पास रखने की जरूरत थी। इसलिए एयरटाइट चेम्बर बनाया।
आगे पढेंः 1948 की शुरुआत में अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार किया
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भारत का संविधान
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- 1948 की शुरुआत में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार कर उसे संविधान सभा में प्रस्तुत किया। नवंबर 1949 में इस मसौदे में कुछ संशोधन कर इसे अपनाया गया
- भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था और माननीय सदस्यों ने 24, जनवरी 1950 में इस पर अपने हस्ताक्षर किए। कुल 284 सदस्यों ने संविधान पर अपने हस्ताक्षर किए थे
- जिस दिन संविधान पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे उस दिन बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी जिसे एक अच्छा शगुन माना गया
आगे पढ़ेंः संविधान सभा के सदस्य के रूप में इन नेताओं को चुना गया