ब्रज के मंदिरों में होली की अनूठी परंपरा है। इसके अनुरूप ही खास इंतजाम हैं। होली पर मंदिरों में फूलों से तैयार रंगों की बरसात होगी। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में होली आयोजन के लिए 1500 किलो फूल मंगाए गए हैं। इनसे रंग तैयार होगा। इस रंग में केसर, गुलाब जल की महक श्रद्धालुओं को आनंदित कर देगी।
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बांकेबिहारी मंदिर में 1500 किलो फूलों से तैयार रंग से खेली जाएगी होली
राजीव अग्रवाल/ अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:07 PM IST
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : file photo
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ब्रज की होली में टेसू के रंगों का विशिष्ट स्थान है। टेसू के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंग शुद्धता का भी प्रतीक हैं। वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में रंगभरनी एकादशी से होली महोत्सव का परंपरागत शुभारंभ होता है। ठाकुरजी अपने निज महल से बाहर जगमोहन में आकर भक्तों के साथ होली खेलते हैं। नगर के मंदिरों में टेसू के फूलों से ही होली खेली जाती है।
सांकेतिक चित्र
- फोटो : Getty Images
विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कोलकाता से टेसू, गैंदा, मोंगरा, मारकेट, पीला और सफेद गुलाब सहित करीब 1500 किलो फूल मंगाए गए हैं। इनमें टेसू के फूल 150 किलो हैं। इन फूलों की पंखुड़ियों को पानी में उबालकर, इस पानी को छानकर ड्रम में भर दिया जाता है। इसमें गुलाबजल, चंदन, केसर को मिलाकर सेवायत स्वर्ण-रजत पिचकारियों से भक्तों पर डालते हैं। वहीं अबीर-गुलाल, कुमकुम भी भक्तों पर डाला जाता है।
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इन मंदिरों में होती है टेसू के रंगों से होली
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप हरगूलाल की हवेली से जुड़े ठाकुर महाराम सिंह ने बताया कि इन टेसू के फूलों को मंदिर प्रांगण में स्थित रसोई में दो बड़ी कड़ाही में पहले उबाला जाता है। इसके बाद इन्हें छानकर दो ड्रमों में मंदिर भेजा दिया जाता है। होली में टेसू के फूलों के रंगों का प्रयोग ठाकुर राधावल्लभ, राधा रमण मंदिर, राधा सनेह बिहारी, राधा दामोदर, राधाश्याम सुंदर, जशोदानंदन धाम, राधा गोपीनाथ, मदन मोहन मंदिर, गोदाहरिदेव दिव्य देश आदि मंदिरों में किया जाता है।
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के समीप हरगूलाल की हवेली से जुड़े ठाकुर महाराम सिंह ने बताया कि इन टेसू के फूलों को मंदिर प्रांगण में स्थित रसोई में दो बड़ी कड़ाही में पहले उबाला जाता है। इसके बाद इन्हें छानकर दो ड्रमों में मंदिर भेजा दिया जाता है। होली में टेसू के फूलों के रंगों का प्रयोग ठाकुर राधावल्लभ, राधा रमण मंदिर, राधा सनेह बिहारी, राधा दामोदर, राधाश्याम सुंदर, जशोदानंदन धाम, राधा गोपीनाथ, मदन मोहन मंदिर, गोदाहरिदेव दिव्य देश आदि मंदिरों में किया जाता है।
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सांकेतिक चित्र
टेसू के रंग पर चढ़ा महंगाई का रंग
इस बार टेसू के फूलों पर महंगाई का रंग चढ़ा हुआ है। पिछले वर्ष 60 रुपये प्रति किलो के टेसू के फूल इस बार 70 से 80 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदे जा रहे हैं। व्यापारी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि महंगाई के कारण इस बार टेसू के फूलों की बिक्री कम होने की आशंका है।
इस बार टेसू के फूलों पर महंगाई का रंग चढ़ा हुआ है। पिछले वर्ष 60 रुपये प्रति किलो के टेसू के फूल इस बार 70 से 80 रुपये प्रति किलो के भाव से खरीदे जा रहे हैं। व्यापारी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि महंगाई के कारण इस बार टेसू के फूलों की बिक्री कम होने की आशंका है।