कठुआ के पास उत्तरी गांव निवासी अमित वर्मा बॉलीवुड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। बड़े प्लेटफॉर्म पर अदाकारी का जलवा बिखेर कर प्रदेश के विद्युत जम्वाल के बाद अमित ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 15 अगस्त को रिलीज हुई फिल्म ‘बाटला हाउस’ में अभिनेता जॉन एब्राहम के साथ जूनियर कॉप वजीर सिंह के किरदार में नजर आने वाले अमित के अभिभावकों के साथ गांव के लोग भी काफी उत्साहित हैं। इसके साथ ही वह ‘उड़ी-द सर्जिकल स्ट्राइक’ मूवी में भी छोटा सा किरदार निभाकर अपने अभिनय का दम दिखा चुका है।
‘बाटला हाउस’ में अमित ने निभाई वजीर सिंह की दमदार भूमिका, जॉन अब्राहम को लेकर कही कई बड़ी बातें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि यह फिल्म नई दिल्ली के जामिया नगर में 19 सितंबर 2008 को हुए एक एनकाउंटर पर आधारित है, जिसमें जॉन अब्राहम एक मोस्ट डेकोरेटेड अफसर डीसीपी संजीव कुमार यादव के रोल में हैं। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में पेशे से रिटायर्ड मास्टर मनोहर लाल ने बताया कि शुरुआती दौर में वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्म इंडस्ट्री में जाए। मगर अमित ने अपनी मेहनत के बूते बालीवुड में कदम रखा और आज उसके प्रदर्शन से सभी लोग खुश हैं। पिता ने बताया कि बेटे की इस फिल्म में भूमिका को विशेष रूप से देखने के लिए वो जम्मू गए थे और गांव के कई लोगों ने भी फिल्म को देखने के बाद तारीफ की है। एक पिता के लिए इससे ज्यादा गर्व की बात क्या हो सकती है।
यह भी पढ़ेंः इस तरह क्रिकेट खेलना कौन भूलेगा...यादों को ताजा करती और कश्मीर की कहानी कहती यह तस्वीरें
कठुआ के सामान्य परिवार से संबंधित अमित वर्मा ने अपनी शिक्षा कठुआ के आरएस जागृति निकेतन स्कूल से हासिल की, जिसके बाद बैचलर्स इन फार्मेसी की पढ़ाई के लिए राजस्थान चला गया। यहीं पर 2012 में अमित ने एक फार्मा कंपनी ज्वाइन की। अमित का शुरुआत से फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुझान था। फार्मा कंपनी ज्वाइन करने के बाद उसे जिम और नृत्य के शौक को पूरा करने का समय नहीं मिल पा रहा था। अगस्त, 2013 में मन बनाया और फिल्म इंडस्ट्री में इंट्री के लिए मुंबई का रुख किया। अमित ने इस संबंध में अपने पिता को भी नहीं बताया। हालांकि मां को मुंबई जाने की बात बताई थी।
यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीरः वक्त और हालात...इन तीन घरों में लगता था सियासी मजमा, आज है सन्नाटे की कब्जेदारी
अमित ने बताया कि लगभग एक माह तक मुंबई में दोस्त के पास रहते हुए अंधेरी में ऑडिशन को लेकर आने-जाने वाले लोगों और वहां के माहौल को महसूस किया। यही वो समय था, अमित ने पाया कि आगे बढ़ना मुश्किल नहीं है। कुछ माह बाद अमित राजस्थान में नौकरी से इस्तीफा देकर मुंबई लौट गया और फिर आडिशन का सिलसिला शुरू हुआ। अमित ने इस दौरान संघर्ष भी किया। बताया कि खर्चे इतने बढ़ गए थे कि उन्हें फिर से मुंबई में एक फार्मा ज्वाइन करनी पड़ी। फील्ड जॉब के चलते उन्हें ऑडिशन के अवसर भी मिल जाते। करीब छह-सात माह के संघर्ष के बाद नाटकों और एड में रोल मिलना शुरू हो गए।
उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म ‘उड़ी’ में भी अमित ने छोटा किरदार निभाया। इसके बाद उन्हें बाटला हाउस में रोल मिल गया। अमित ने बताया कि कॉफी बाइट टॉफी, कांप्लान, सोमानी टाइल और इन दिनों बजाज प्लेटीना बाइक की एड में भी नजर आ रहे हैं। उन्होंने फैसला लिया है कि अब वह इंतजार कर बेहतर किरदार में आने की कोशिश करेंगे और अपने इलाके के लोगों व चाहने वालों को निराश नहीं करेंगे।
यह भी पढ़ेंः यह है मंदिरों का शहर...इन दिनों कान्हा के रंग में सराबोर है हर शख्स, देखिए तस्वीरें