फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

Sat, 20 Jun 2015 01:23 AM IST
Updated Sat, 20 Jun 2015 01:23 AM IST
विज्ञापन

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

isi want mirwaiz to merge with geelani

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार गठन के बाद नए गेम प्लान पर काम कर रहे पाकिस्तान की करतूतों से धीरे-धीरे पर्दा उठ रहा है। घाटी में कमजोर पड़ रहे अलगाववादियों को हत्या का डर दिखा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई विभिन्न गुटों पर अपने एजेंडे के मुताबिक विलय का दबाव डाल रही है।


(खबर - गुंजन कुमार)

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

isi want mirwaiz to merge with geelani

भारतीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस (एपीएचसी) के मीरवाइज उमर फारूक को कट्टरवादी सैयद अली शाह गिलानी गुट के साथ काम करने पर मजबूर कर रही है।

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

isi want mirwaiz to merge with geelani

कश्मीर मामले से जुड़े सुरक्षा एजेंसी के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि आईएसआई मीरवाइज उमर के गुट में अब्दुल गनी बट, बिलाल लोन और मौलवी अब्बास अंसारी जैसे अलगाववादियों के प्रभाव से बुरी तरह नाराज है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

isi want mirwaiz to merge with geelani

आईएसआई का मानना है कि इन नेताओं का झुकाव भारत की तरफ ज्यादा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के कश्मीर नीतिकार उमर को गिलानी गुट के साथ काम करने की सलाह दे रहे हैं।

विज्ञापन

मीरवाइज को गिलानी गुट से विलय पर मजबूर कर रही ISI

isi want mirwaiz to merge with geelani

मीरवाइज उमर कश्मीरी अलगाववादियों में एकमात्र ऐसा चेहरा है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। इसके विपरीत गिलानी घोषित पाक समर्थक होने व कट्टर विचारधारा के बावजूद कश्मीर की राजनीति में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई जगह नहीं बना पाए हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed