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Bhagat Singh Death Anniversary 2022: भगत सिंह की शहादत से जुड़ी ये बातें नहीं जानते होंगे आप

Wed, 23 Mar 2022 09:41 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Wed, 23 Mar 2022 09:41 AM IST
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Bhagat Singh Death Anniversary 2022 interesting Facts bhagat singh life 23 March Shaheed Diwas
भगत सिंह पुण्यतिथि - फोटो : amar ujala

23 मार्च का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो चुका है। इस दिन को भारत शहीद दिवस के तौर पर मनाता है। आज ही के दिन भारत के वीर सपूतों ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया था। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का नाम हर देश प्रेमी, युवा जरूर जानता है। ये तीनों ही युवाओं के लिए आदर्श और प्रेरणा है। इसी वजह इनका पूरा जीवन है, जिसे इन तीनों वीरों ने देश के नाम कर दिया। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दे दी थी। उन्हें लाहौर षड़यंत्र के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी। लेकिन क्या आपको पता है कि इन तीनों शहीदों की मौत भी अंग्रेजी हुकूमत का षड़यंत्र था? भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी 24 मार्च को देना तय था लेकिन अंग्रेजों ने एक दिन पहले ही यानी 23 मार्च को भारत के तीनों सपूतों को फांसी पर लटका दिया। आखिर इसकी वजह क्या थी? आखिर भगत सिंह और उनके साथियों ने ऐसा क्या जुर्म किया था कि उन्हें फांसी की सजा दी गई। भगत सिंह की पुण्यतिथि पर जानिए उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें। 

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भगत सिंह पुण्यतिथि - फोटो : facebook

सेंट्रल असेंबली में बम धमाका

दरअसल, भगत सिंह और उनके साथी बटुकेश्वर दत्त ने आठ अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली में बम फेंके और आजादी के नारे लगाने लगे। वे दोनों वहां से भागे नहीं, बल्कि बम फेंकने के बाद गिरफ्तारी दी। इस दौरान उन्हें करीब दो साल की सजा हुई।

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भगत सिंह पुण्यतिथि - फोटो : Twitter/IndiaHistorypic

करीब दो साल की कैद

जेल में करीब दो साल रहने के दौरान भगत सिंह क्रांतिकारी लेख लिखा करते थे और अपने विचारों को व्यक्त करते थे। उनके लेखों में अंग्रेजों के अलावा कई पूंजीपतियों के नाम भी शामिल थे, जिसे वह अपना और देश का दुश्मन मानते थे। भगत सिंह ने अपने एक लेख में लिखा था कि मजदूरों का शोषण करने वाला उनका शत्रु है, वह चाहे कोई भारतीय ही क्यों न हो।

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भगत सिंह पुण्यतिथि - फोटो : Twitter/ind_Cyborg

जेल में भी जारी रखा विरोध

अपना जीवन देश के नाम कुर्बान कर देने वाले भगत सिंह बहुत बुद्धिमान और कई भाषाओं के जानकार थे। उन्हें हिंदी, पंजाबी, उर्दू, बांग्ला और अंग्रेजी आती थी। बटुकेश्वर दत्त से उन्होंने बांग्ला सीखी थी। अपने लेखों में वह भारतीय समाज में लिपि, जाति और धर्म के कारण आई दूरियों पर चिंता और दुख व्यक्त किया करते थे।

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भगत सिंह पुण्यतिथि - फोटो : Twitter/ind_Cyborg

राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी की तारीख तय

दो साल की कैद के बाद राजगुरु और सुखदेव के साथ उन्हें 24 मार्च 1931 को फांसी दी जानी थी लेकिन देश में उनकी फांसी की खबर से लोग भड़के हुए थे। वह तीनों सपूतों की फांसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। भारतीयों का आक्रोश और विरोध देख अंग्रेज सरकार डर गई थी।
 

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