कॉपर हमारे शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स में से एक है। कॉपर, आयरन के साथ मिलकर शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। यह रक्त वाहिकाओं, नसों, प्रतिरक्षा प्रणाली और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक तत्व है। वयस्कों को दैनिक रूप से 900 माइक्रोग्राम की मात्रा में कॉपर की आवश्यकता होती है, इसकी पूर्ति के लिए अधिकतर लोग कॉपर के बोतल-जग में रखकर पानी पीते हैं।
सेहत की बात: कॉपर बॉटल का पानी कई प्रकार से लाभकारी, पर गर्मियों में इसके सेवन को लेकर बरतें सावधानी
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कॉपर शरीर के लिए आवश्यक
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह खाली पेट सबसे पहले तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से तीनों दोषों - कफ, वात और पित्त को दूर करने और शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा को संतुलित करने में मदद मिलती है। यह धातु विभिन्न अंगों और मेटाबॉलिज्म की प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने में भी मदद करता है।
थायरॉयड ग्रंथि के कामकाज में सुधार करने, एनीमिया से बचाने, हड्डियों को मजबूत करने, वजन घटाने और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए यह काफी जरूरी है। पर इसका अधिक मात्रा में या गर्मियों में अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
कम मात्रा में ही करें सेवन
आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं हमारा शरीर अन्य पोषक तत्वों की तरह कॉपर को सेंथेसाइज नहीं कर पाता है, इसे आहार स्रोतों से प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। ऐसे में तांबे के बर्तन का पानी एक बढ़िया विकल्प है। पर एक दिन में 3 गिलास तक ही इसके सेवन को सीमित करें। अधिक मात्रा में इसका पानी पीने से कॉपर पॉइजनिंग हो सकती है। इसके कारण मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्या और पाचन विकारों की दिक्कत बढ़ने का खतरा रहता है, ऐसे में इसका कम मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए।
गर्मियों में ज्यादा न पिएं यह पानी
आयुर्वेद विशेषज्ञ कहते हैं कि तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना बेहद सेहतमंद होता है लेकिन गर्मियों के दौरान इसका कम मात्रा में ही सेवन करें क्योंकि तांबे की प्रकृति गर्म होती है। अधिक मात्रा के कारण एसिडिटी, सूजन, माइग्रेन की दिक्कत हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पाचन स्वास्थ्य पर होता है इसलिए शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में ही कॉपर का सेवन किया जाना चाहिए। सुबह 1-2 गिलास तांबे के बर्तन में रखा पानी पानी पीना पर्याप्त है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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