देश में बढ़ता कोरोना और इंफ्लुएंजा का संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इंफ्लुएंजा, जिसे सामान्यत: हल्के लक्षणों वाला संक्रमण माना जाता रहा है, उसके H3N2 वैरिएंट के कारण इस बार लोगों में गंभीर रोग का खतरा देखा गया है। वहीं पिछले करीब पांच महीने बाद एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए मुख्यरूप से XBB.1.16 वैरिएंट को प्रमुख कारण माना जा रहा है जिसकी संक्रामकता दर अधिक है।
विशेषज्ञों ने चेताया: कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए कोरोना-इंफ्लुएंजा दोनों खतरनाक, ऐसे जानें आप कितने सुरक्षित
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कमजोर इम्युनिटी के इन लक्षणों के बारे में जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इम्युनिटी पावर कमजोर होना सिर्फ कोरोना और H3N2 इंफ्लूएंजा ही नहीं कई प्रकार के और भी संक्रामक रोगों के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वह अधिक बीमार होते हैं। मौसम बदलते ही अगर आपको अक्सर सर्दी-जुकाम हो जाता है, अक्सर थकान-सिरदर्द बनी रहती है और बार-बार यूटीआई जैसे संक्रमण होते रहते हैं तो यह संकेत है कि आपकी इम्युनिटी कमजोर है, ऐसे लोगों में कोरोना और H3N2 इंफ्लूएंजा की भी खतरा अधिक हो सकता है।
आइए जानते हैं कि इम्युनिटी पावर को मजबूत करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं?
प्रतिरक्षा प्रणाली को कैसे ठीक रखें?
इम्युनिटी को मजबूती देना एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए आपको निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।
- पौष्टिक आहार, जिसमें कई प्रकार का विटामिन्स और खनिज हों, उनका सेवन करें।
- शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। नियमित शारीरिक गतिविधि जैसे योग-व्यायाम आपको बेहतर महसूस करने, बेहतर नींद लेने और चिंता कम करने में मदद करेंगे।
- वजन को कंट्रोल रखें। वजन बढ़ना आपके शरीर के कार्य करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
- पर्याप्त नींद लें, अच्छी नींद शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए जरूरी है।
- धूम्रपान और शराब से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
कोरोना और H3N2 इंफ्लूएंजा से बचाव
इन दिनों बढ़ रहे संक्रामक रोगों के खतरे को कम करने के लिए आप आयुर्वेदिक तरीकों का भी प्रयोग में ला सकते हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन करना संक्रामक रोगों के खतरे से बचाने में मददगार है। इसके अलावा हल्के गुनगुने पानी का सेवन करें इससे गले के संक्रमण को कम करने में मदद मिलेगी। हर्बल-टी और काढ़े का सेवन भी आपको कई प्रकार के संक्रामक रोगों के खतरे से बचाने में लाभकारी हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।