भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी खासियत है, इसकी विविधता। जितने इसके रंग हैं वे सब मिलकर इसको अनूठा भी बनाते हैं और खूबसूरत भी। खासतौर पर भारतीय त्योहार, जिनके अलग अलग स्वरूप इन त्योहारों की चमक को बढ़ाते हैं। ऐसा ही एक कलात्मक स्वरूप है रंगोली, अल्पना और मांडने का। भले ही इनके नाम और बनाने के तरीकों में अंतर हो लेकिन इन सबके पीछे भावना एक ही है- त्योहार की खूबसूरती को और बढ़ाना। देश के विभिन्न हिस्सों में दरवाजे, आंगन, बालकनी और पूजा स्थल पर कलात्मकता से सजी आकृतियां उकेरने का चलन है। कुछ जगहों पर साल भर घर के मुख्य द्वार पर शुभ संकेत के प्रतीक चिन्ह के रूप में रंगोली या अल्पना बनाई जाती है। इसके लिए विशेषकर सफेद रंग, खड़ी या चावल के आटे का प्रयोग किया जाता है। साथ में हल्दी और कुमकुम भी उपयोग में आते हैं। तो इस दिवाली आप भी सजाएं अपने द्वार पर एक सुंदर सी अल्पना और बढ़ाएं शुभता।
Diwali 2021: इन सुंदर रंगोली डिजाइन से सजाएं द्वार, दीपावली में बढ़ जाएगी घर की सुंदरता
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रंगोली या अल्पना या कोलम का प्रयोग घर में देवी-देवताओं और अतिथियों के स्वागत के लिये किया जाता है। इसे साधारण फर्श पर, गोबर लीपकर, गेरू लीपकर या लकड़ी के पटे पर, कैसे भी बनाया जा सकता है। अगर आप घर के अंदर इसे बनाना चाहती हैं तो टाइल्स पर पहले कोई बेस कलर कर दें। जैसे सफेद, लाल या पीला और फिर इसपर कोई भी डिजाइन बनाइये। रंगोली या अल्पना बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना खास जरूरी है। और सहजता से आप घर में इस सुंदर रचना को साकार कर सकते हैं।
अगर आप चावल के आटे या खड़िया से अल्पना बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो बनाने से पहले और बनाने के बाद हाथों पर नारियल या सरसों का तेल जरूर लगाएं। चूंकि यह ठंड का मौसम है और त्वचा रूखी होती है। ऐसे में ये साधन त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
खड़ी या चावल के आटे में थोड़ा सा मीठा तेल या लिक्विड गम (गोंद) मिला लें। इससे डिजाइन सूखने के बाद अच्छा इफेक्ट भी देगी और लम्बे समय तक टिकी भी रहेगी।
अगर आपको बहुत ज्यादा डिजाइन नहीं बनानी आती तो आपके लिए बाजार में वुडन या ग्लास रंगोली भी उपलब्ध है। ये रंगोली पीसेस में मिलती है और आप इनमें अपनी मनपसंद डिजाइन चुनकर सीधे पजल्स की तरह सजा सकते हैं।
सामान्य रंगोली के अलावा फूलों की रंगोली भी दीपावली के समय बनाई जाए है। इसमें जितने रंग के फूल हों उतनी ही अनूठी रंगोली बनेगी। यदि आप फूल नहीं चुनना चाहते तो रंगीन कागज की कतरनों से भी रंगोली बना सकते हैं।
रंगोली को ज्यादा लम्बे समय तक रखना हो तो एक्रिलिक कलर्स या ऑइल पेंट का उपयोग भी कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप जो डिजाइन बना रहे हैं वो एकदम सही और फिट बैठे। क्योंकि इस रंगोली को एक बार बनने के बाद आप मिटा नहीं सकते।
यदि आप रंगोली के रंगों को उठाव देना चाहते हैं तो उनमें कुछ बूंद पानी डालकर सुखा लें। इससे रंग थोड़े ज्यादा दरदरे हो जाएंगे और खिलकर दिखेंगे।