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Weather Change Alert: अगर घर में है अस्थमा का मरीज तो मौसम बदलने पर जरूर अपनाएं ये सावधानियां
Thu, 09 Jul 2026 03:50 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 09 Jul 2026 03:50 PM IST
सार
Weather Change Alert: अगर आप या आपके घर में कोई अस्थमा का शिकार है, तो आपको ये लेख आखिर तक अवश्य पढ़ना चाहिए. क्योंकि बदलते मौसम में आपको खास ध्यान रखने की जरूरत है।
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घर में है अस्थमा का मरीज तो मौसम बदलने पर जरूर अपनाएं ये सावधानियां
- फोटो : AI
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Weather Change Alert: अस्थमा एक ऐसी सांस संबंधी बीमारी है, जो बदलते मौसम में अधिक परेशान कर सकती है। खासकर मानसून, सर्दी या मौसम में अचानक बदलाव होने पर अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हवा में बढ़ी नमी, धूल, फंगस, परागकण और प्रदूषण अस्थमा अटैक का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
घर में है अस्थमा का मरीज तो मौसम बदलने पर जरूर अपनाएं ये सावधानियां
1. इनहेलर हमेशा अपने साथ रखें
अस्थमा के मरीजों के लिए इनहेलर सबसे जरूरी दवाओं में से एक होता है। डॉक्टर द्वारा बताया गया रेस्क्यू इनहेलर अचानक सांस फूलने या अस्थमा अटैक के समय तुरंत राहत देने में मदद करता है, जबकि कंट्रोलर इनहेलर बीमारी को लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। घर से बाहर निकलते समय इनहेलर हमेशा अपने बैग या जेब में रखें और समय-समय पर इसकी एक्सपायरी डेट भी जांचते रहें। डॉक्टर की सलाह के बिना इनहेलर का इस्तेमाल बंद न करें।
अस्थमा के मरीजों के लिए इनहेलर सबसे जरूरी दवाओं में से एक होता है। डॉक्टर द्वारा बताया गया रेस्क्यू इनहेलर अचानक सांस फूलने या अस्थमा अटैक के समय तुरंत राहत देने में मदद करता है, जबकि कंट्रोलर इनहेलर बीमारी को लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। घर से बाहर निकलते समय इनहेलर हमेशा अपने बैग या जेब में रखें और समय-समय पर इसकी एक्सपायरी डेट भी जांचते रहें। डॉक्टर की सलाह के बिना इनहेलर का इस्तेमाल बंद न करें।
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- फोटो : Adobe stock
2. धूल, धुएं और प्रदूषण से बचें
धूल, धुआं, वाहन से निकलने वाला प्रदूषण, सिगरेट का धुआं, अगरबत्ती, तेज परफ्यूम और केमिकल की गंध अस्थमा के सामान्य ट्रिगर्स हैं। इनके संपर्क में आने से सांस की नलियों में सूजन बढ़ सकती है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें और प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें। घर में भी धूम्रपान बिल्कुल न होने दें।
धूल, धुआं, वाहन से निकलने वाला प्रदूषण, सिगरेट का धुआं, अगरबत्ती, तेज परफ्यूम और केमिकल की गंध अस्थमा के सामान्य ट्रिगर्स हैं। इनके संपर्क में आने से सांस की नलियों में सूजन बढ़ सकती है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनें और प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें। घर में भी धूम्रपान बिल्कुल न होने दें।
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घर में है अस्थमा का मरीज तो मौसम बदलने पर जरूर अपनाएं ये सावधानियां
- फोटो : AI
3. नमी और फंगस से बचाव करें
बरसात के मौसम में घरों में नमी बढ़ने से दीवारों, बाथरूम, किचन और खिड़कियों के आसपास फंगस और फफूंद तेजी से विकसित हो सकती है। इनके सूक्ष्म कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं, जिससे अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। घर को हवादार रखें, नमी वाली जगहों की नियमित सफाई करें और जरूरत पड़ने पर एग्जॉस्ट फैन या डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
बरसात के मौसम में घरों में नमी बढ़ने से दीवारों, बाथरूम, किचन और खिड़कियों के आसपास फंगस और फफूंद तेजी से विकसित हो सकती है। इनके सूक्ष्म कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं, जिससे अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। घर को हवादार रखें, नमी वाली जगहों की नियमित सफाई करें और जरूरत पड़ने पर एग्जॉस्ट फैन या डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
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4. घर की नियमित सफाई करें
घर में जमा धूल, कारपेट, पर्दे, तकिए, गद्दे और बेडशीट में डस्ट माइट्स और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो सकते हैं। ये अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। इसलिए घर की नियमित सफाई करें, वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें और चादर, तकिए के कवर तथा पर्दों को समय-समय पर गर्म पानी से धोएं। कमरे में धूल जमा न होने दें और पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।
घर में जमा धूल, कारपेट, पर्दे, तकिए, गद्दे और बेडशीट में डस्ट माइट्स और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो सकते हैं। ये अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। इसलिए घर की नियमित सफाई करें, वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें और चादर, तकिए के कवर तथा पर्दों को समय-समय पर गर्म पानी से धोएं। कमरे में धूल जमा न होने दें और पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।