दिल की बीमारियों की बात होते ही सबसे पहले हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का ख्याल आता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा रहता है, उनमें समय के साथ हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का खतरा हो सकता है। यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। पर क्या सिर्फ ब्लड प्रेशर पर ध्यान देकर हार्ट हेल्थ को ठीक रखा जा सकता है?
सेहत की बात: ब्लड प्रेशर कंट्रोल होने का मतलब हार्ट एकदम हेल्दी? यह गलतफहमी पड़ सकती है भारी
Heart Attack With Normal Blood Pressure: ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने के बावजूद हार्ट अटैक आ सकता है। इसकी वजह धमनियों में प्लाक, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और पारिवारिक इतिहास हो सकते हैं। दिल की सेहत के लिए केवल बीपी नहीं, बल्कि दूसरे जोखिम कारकों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल की बीमारियों में कई बार स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। इसलिए केवल बीपी की रीडिंग सामान्य देखकर निश्चिंत नहीं हो जाना चाहिए। आइए जानते हैं कि ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने के बावजूद हार्ट अटैक क्यों आता है और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
नॉर्मल बीपी में भी क्यों आता है हार्ट अटैक?
ब्लड प्रेशर सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियां भी पूरी तरह स्वस्थ हैं। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों से प्लाक जमा हो सकता है।
- यदि यह प्लाक टूट जाएं और वहां खून का थक्का बन जाए, तो दिल की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचना बाधित हो सकता है। इससे हार्ट अटैक आ सकता है।
- डायबिटीज, धूम्रपान और आनुवंशिक कारण इसका जोखिम बढ़ा सकते हैं।
हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने वाले कारण
बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमने का खतरा बढ़ाता है। डायबिटीज में लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को कमजोर करता है और खून के थक्के बनने का जोखिम बढ़ाता है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए इन जोखिमों पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है।
- अगर आपके परिवार में किसी को कम उम्र में हृदय रोग हुआ है या फिर आप शारीरिक रूप से निष्क्रियता और मोटापे का शिकार हैं तो भी आपमें हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है।
हार्ट अटैक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में दर्द, दबाव, जकड़न या भारीपन हार्ट अटैक का प्रमुख संकेत हो सकता है। कई बार ये दर्द बांह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है।
- सांस फूलना, ठंडा पसीना, मतली, चक्कर और असामान्य कमजोरी भी हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।
- महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक के लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं।
- हार्ट अटैक का संदेह होने पर तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टरी सहायता लें।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से संतुलित भोजन करें, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों। नियमित शारीरिक गतिविधि भी हार्ट हेल्थ के लिए जरूरी है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए वजन, नींद और तनाव का भी ध्यान रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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