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Causes of Stomach Infections: बारिश में पेट की बीमारियां क्यों बढ़ जाती हैं? जानें 5 बड़ी वजहें
Tue, 30 Jun 2026 11:09 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:09 AM IST
सार
Common Causes of Stomach Infections in Monsoon: बारिश के मौसम में अक्सर लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं होती रहती हैं। इसके पीछे की क्या वजहें हैं, आइए जानते हैं।
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बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
- फोटो : AI
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Common Causes of Stomach Infections in Monsoon: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला अंग हमारा पाचन तंत्र होता है। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग, डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, अपच और गैस जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
- फोटो : Adobe Stock
1. दूषित पानी का सेवन
मानसून के दौरान बारिश का पानी अक्सर सीवर और गंदे नालों के पानी के साथ मिल जाता है, जिससे पेयजल स्रोत दूषित हो सकते हैं। ऐसे पानी में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी मौजूद होते हैं, जो शरीर में पहुंचकर डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पेट के संक्रमण जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए हमेशा उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सुरक्षित पैक्ड पानी ही पीना चाहिए।
मानसून के दौरान बारिश का पानी अक्सर सीवर और गंदे नालों के पानी के साथ मिल जाता है, जिससे पेयजल स्रोत दूषित हो सकते हैं। ऐसे पानी में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी मौजूद होते हैं, जो शरीर में पहुंचकर डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पेट के संक्रमण जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए हमेशा उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सुरक्षित पैक्ड पानी ही पीना चाहिए।
बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
- फोटो : Adobe
2. खुले में बिकने वाला खाना
बारिश के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाला खाना नमी और गंदगी के कारण जल्दी खराब हो सकता है। मक्खियां और धूल-मिट्टी खाने को दूषित कर देती हैं, जिससे उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऐसे भोजन का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में ताजा और घर का बना भोजन सबसे सुरक्षित माना जाता है।
बारिश के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाला खाना नमी और गंदगी के कारण जल्दी खराब हो सकता है। मक्खियां और धूल-मिट्टी खाने को दूषित कर देती हैं, जिससे उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऐसे भोजन का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस मौसम में ताजा और घर का बना भोजन सबसे सुरक्षित माना जाता है।
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बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
- फोटो : Adobe stock
3. कच्ची या अधपकी चीजें खाना
मानसून में कच्ची या अधपकी सब्जियां, मांस, अंडे और सी-फूड खाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इनमें मौजूद बैक्टीरिया और परजीवी पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाते और पेट में पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं और सभी खाद्य पदार्थों को पूरी तरह पकाकर सेवन करें।
मानसून में कच्ची या अधपकी सब्जियां, मांस, अंडे और सी-फूड खाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इनमें मौजूद बैक्टीरिया और परजीवी पूरी तरह नष्ट नहीं हो पाते और पेट में पहुंचकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं और सभी खाद्य पदार्थों को पूरी तरह पकाकर सेवन करें।
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बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
- फोटो : Adobe stock photos
4. कमजोर इम्यूनिटी
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोग, उनमें पेट के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कमजोर इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया और वायरस से प्रभावी ढंग से लड़ नहीं पाता, जिससे संक्रमण जल्दी फैल सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित व्यायाम इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जैसे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोग, उनमें पेट के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कमजोर इम्यून सिस्टम बैक्टीरिया और वायरस से प्रभावी ढंग से लड़ नहीं पाता, जिससे संक्रमण जल्दी फैल सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित व्यायाम इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।