New Covid Symptoms 2025: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले इन दिनों वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। पिछले करीब एक महीने से भारत में भी इसका असर देखा जा रहा है। देखते ही देखते यहां एक्टिव केस बढ़कर 7200 से ऊपर हो गए हैं। देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स (NB.1.8.1 और XFG) को प्रमुख पाया गया है, जिसकी प्रकृति अत्यधिक संक्रामकता वाली तो रही है हालांकि इसके कारण गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम कम देखा गया है।
Covid-19: कोरोना संक्रमितों में देखी गई 'रेजर ब्लेड थ्रोट' की दिक्कत, विशेषज्ञों से जानिए क्या है ये समस्या
- नोवा साउथईस्टर्न यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञ डॉ. स्नेहल स्मार्ट ने एक रिपोर्ट में बताया कि इस बार की लहर में यूएस सहित कई देशों में कई मरीजों में 'रेजर ब्लेड थ्रोट' की समस्या देखी गई है।
- कुछ मरीजों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी देखी गईं हैं।
NB.1.8.1 वैरिएंट अत्यधिक संक्रामक पर खतरनाक नहीं
देश में फैल रहे कोरोना के NB.1.8.1 सब-वैरिएंट को लेकर किए गए कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि ये ज्यादातर लोगों के लिए खतरनाक नहीं है। हां, इसके कारण किसी आबादी में तेजी से संक्रमण फैलने का जोखिम जरूर रहता है, जिसका मतलब है कि कम समय में ये ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना सकता है, खासकर अगर लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है या फिर उनकी इम्युनिटी कमजोर है।
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कई रोगियों में 'रेजर ब्लेड थ्रोट' जैसे लक्षण
नोवा साउथईस्टर्न यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञ डॉ. स्नेहल स्मार्ट ने एक रिपोर्ट में बताया कि इस बार की लहर में यूएस सहित कई देशों में मरीजों में 'रेजर ब्लेड थ्रोट' की समस्या देखी गई है।
'रेजर ब्लेड थ्रोट' का मतलब है रोगी के गले में तेज दर्द होना, जो कोविड-19 से संबंधित होता है। विशेषज्ञ ने बताया कि इस बार यह कोविड-19 के प्रमुख लक्षणों में से एक है। डॉ. स्मार्ट के अनुसार, रेजर ब्लेड थ्रोट में सिर्फ दर्द या खराश ही नहीं होता, बल्कि ऐसा लगता है जैसे चाकू घोंप दिया गया हो।
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गले में तेज दर्द जैसा एहसास
होली नेम मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख, डॉ. सूरज सागर बताते हैं, "कोविड से संक्रमित होने वाले 60 से 70 प्रतिशत लोगों में गले में खराश की शिकायत होती है। ये लक्षण महामारी की शुरुआत से ही देखा जा रहा है।
सामान्य गले में खराश और 'रेजर ब्लेड थ्रोट' में अंतर बस दर्द की तीव्रता का है। नए सब-वैरिएंट से संक्रमितों में ये लक्षण ऐसे महसूस हो सकता है कि जैसे आपने टूटा हुआ कांच खा लिया हो जिसे खाना और निगलना मुश्किल हो जाता है। यह अक्सर कुछ भी निगलने पर आपके गले के पिछले हिस्से में दर्द करता है।
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी देखी गईं
इन लक्षणों के अलावा दिल्ली से अस्पतालों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक इस वैरिएंट के कारण लोगों को पहले की ही तरह सर्दी-खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बुखार की दिक्कत हो रही है। डॉक्टर बताते हैं, कुछ मरीजों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी देखी गईं, जिसमें लोगों ने सामान्य के लक्षणों के साथ-साथ मतली, दस्त और पेट दर्द की शिकायत की है।
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स्रोत
This Is the Most Common (and Painful) COVID Symptom Doctors Are Seeing Right Now
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