जून के अंत तक प्राय: देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून आ जाता है। हालांकि मानसून के शुरुआती दिनों में कभी धूप-कभी बारिश की स्थिति सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण हो जाती है। वातावरण में आद्रता की शुरुआत के साथ ही कई प्रकार के रोगजनक भी पनपने शुरू हो जाते हैं जो कई तरह की बीमारियों का कारण बनते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस मौसम में सभी लोगों से निरंतर खान-पान और स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
Health Tips: मौसम में बदलाव के साथ शुरू हो जाती हैं ये बीमारियां, जानिए इस मानसून स्वस्थ रहने के उपाय
सर्दी और फ्लू की समस्या
बरसात के मौसम में होने वाला तापमान में भारी उतार-चढ़ाव शरीर को बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील बना देता है, यह आपमें मौसमी सर्दी और फ्लू की समस्या का कारण बन सकता है। मौसम में बदलाव के कारण होने वाली इस समस्या का जोखिम कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। इससे बचाव के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हल्का गर्मी पानी पीने से इस तरह के संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है।
मच्छर जनित रोगों का खतरा
मानसून के इस समय में कई तरह के मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया और डेंगू आदि का खतरा काफी बढ़ जाता है। बारिश के कारण भरे हुए पानी को मच्छरों के प्रजनन की प्रक्रिया के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है, पानी जमा होने से रोकें। इस मौसम में संक्रमित मच्छरों को काटने के कारण मलेरिया या डेंगू जैसी बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। ये दोनों ही बीमारियां गंभीर स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती हैं, इसलिए इनसे बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए।
हेपेटाइटिस ए का खतरा
हेपेटाइटिस ए, मुख्यरूप से दूषित भोजन या पानी के कारण होने वाली समस्या है जो मुख्यरूप से लिवर को प्रभावित करता है। हेपेटाइटिस-ए के कारण बुखार, उल्टी और शरीर पर दाने आदि हो सकते हैं। स्वच्छता की कमी के कारण इन समस्याओं का जोखिम अधिक हो सकता है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए भोजन और जल की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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