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Cancer Study: अग्नाशय कैंसर के जोखिम से काफी हद तक सुरक्षित माने जाते हैं इस ब्लड ग्रुप वाले लोग, जानिए किसे खतरा?

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 26 Jun 2022 07:06 PM IST
ब्लड ग्रुप और कैंसर का खतरा
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कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर और जानलेवा बीमारियों में से एक है। हर साल इस गंभीर बीमारी के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2020 में अलग-अलग प्रकार के कैंसर के कारण एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत हुई जोकि वैश्विक स्तर पर होने वाली हर छह मौतों में से एक के बराबर है। स्वास्थ्य क्षेत्र पर कैंसर रोग का बड़ा दबाव रहता है। स्थिति का समय रहते निदान और इलाज न मिल पाने के कारण मौत का खतरा बढ़ जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि भारत में दुर्भाग्यवश ज्यादातर मामलों में कैंसर के आखिरी चरणों में ही स्थिति का पता चल पाता है। देश में कैंसर रोगियों की मौत का इसे भी एक प्रमुख कारण माना जाता रहा है।

डॉक्टर्स बताते हैं कि अग्नाशय का कैंसर, तेजी से बढ़ते कैंसर के आम प्रकारों में से एक है। सामान्यतौर पर इस समस्या के निदान के बाद जीवित रहने की अवधि पांच साल तक मानी जाती रही है। इस कैंसर में भी बढ़े मृत्युदर का प्रमुख कारण स्थिति का समय पर पता न चल पाना माना जाता है। हालांकि एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने ब्लड ग्रुप के आधार पर इस गंभीर स्थिति के जोखिम के बारे में पता लगाने के तरीके के बारे में बताया है, यानी कि आपका ब्लड ग्रुप बता देगा कि आपमें अग्नाशय के कैंसर का जोखिम कितना है? आइए इस बारे में जानते हैं।
कैंसर के जोखिम को जानिए
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कैंसर के जोखिम कारकों के बारे में जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर के कई परिवर्तनीय और अपरिवर्तनीय जोखिम कारक हो सकते हैं। इसके अलावा जीवनशैली की आदतें जैसे तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक निष्क्रियता और वायु प्रदूषण भी आपमें कई तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है। इसी तरह शोध में पाया गया है कि कुछ रक्त समूह वाले लोगों में अग्नाशय के कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है। इस आधार पर आप अपने कैंसर के खतरे को समझते हुए सावधानी बरत सकते हैं।
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रक्त समूह और कैंसर का जोखिम
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अध्ययन में क्या पता चला?

पीएलओएस वन जर्नल में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों ने रक्त के आधार पर कैंसर के खतरे को जानने के लिए अध्ययन किया। इस शोध में कई रोचक बातें सामने आईं। वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि ब्लड ग्रुप-ए की तुलना में  बी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में सभी प्रकार के कैंसर का खतरा कम पाया जाता है।

एक अऩ्य शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप-बी होता है उनमें पेट और मूत्राशय के कैंसर का खतरा अन्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में काफी कम होता है। वहीं कुछ अध्ययनों में ओ ब्लड ग्रुप वालों को भी कई प्रकार के कैंसर के जोखिमों से काफी हद तक सुरक्षित पाया गया है।
अग्नाशय कैंसर के जोखिम को जानिए
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ब्लड ग्रुप और अग्नाशय कैंसर का खतरा

अग्नाशय कैंसर के खतरे को जानने के लिए शोध कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने अपने अध्ययन में पाया कि ब्लड ग्रुप-ओ वाले लोग इस प्रकार के कैंसर से अधिक सुरक्षित माने जा सकते हैं।
 
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के जर्नल में प्रकाशित निष्कर्ष में शोधकर्ता बताते हैं कि ओ ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में ब्लड ग्रुप ए, बी या एबी वाले लोगों में अग्नाशयी कैंसर विकसित होने की आशंका अधिक थी। अध्ययन के अनुसार ओ ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में,  टाइप ए वाले लोगों में अग्नाशय के कैंसर होने की आशंका 32 प्रतिशत, एबी वालों में 51 प्रतिशत और टाइप बी वाले लोगों में 72 प्रतिशत अधिक पाई गई।
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कैंसर के जोखिम कारकों के बारे में जानिए
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अध्ययन का निष्कर्ष 

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ता बताते हैं कि वैसे तो ब्लड ग्रुप और कैंसर के जोखिम का संबंध स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विविधता के आधार पर अलग-अलग हो सकता है, हालांकि यह एक क्लू जरूर है जिससे आप अपने खतरे को जानते हुए बचाव कर सकें। अग्नाशयी कैंसर के मामले कई जोखिम कारकों की वजह से पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। समय रहते  इसके लक्षणों की पहचान अवश्य कर लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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