शुगर की बीमारी को अगर आप बहुत हल्के में लेते हैं तो सावधान हो जाइए, आपकी ये लापरवाही सेहत पर बहुत भारी पड़ सकती है। आंकड़ों से पता चलता है कि दुनियाभर में दुनियाभर में 589 मिलियन (58 करोड़) से अधिक वयस्क डायबिटीज का शिकार हैं, यानी हर 9 में से लगभग 1 व्यक्ति को यह बीमारी है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों ने चिंता जताई है किसाल 2050 तक यह संख्या 853 मिलियन (85 करोड़) से भी ज्यादा तक पहुंच सकती है।
Diabetes: क्या सिर्फ चीनी छोड़ने से डायबिटीज का कम हो सकता है खतरा? क्या कहते हैं विशेषज्ञ
भारत दुनिया की सबसे बड़ी डायबिटीज आबादी वाले देशों में शामिल है। बदलती जीवनशैली, घंटों बैठे रहना, बढ़ता मोटापा, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, तनाव, नींद की कमी और आनुवंशिक कारण इस बीमारी के बढ़ते मामलों की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
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डायबिटीज की बढ़ती समस्या
डॉक्टर कहते हैं, चीनी खाना निश्चित ही आपके शुगर लेवल को बढ़ा देता है पर डायबिटीज केवल चीनी खाने से होने वाली बीमारी नहीं है। यह एक मेटाबॉलिक रोग है, जिसमें शरीर इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता या फिर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। इस वजह से खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है।
- डायबिटीज के लिए सिर्फ चीनी खाना ही नहीं, गलत लाइफस्टाइल को भी बड़ा कारण माना जाता है।
- जो लोग घंटों बैठे रहते हैं, मोटापे का शिकार हैं, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स ज्यादा खाते हैं, अक्सर तनाव में रहते हैं या फिर नींद पूरी नहीं कर पाते उनमें भी डायबिटीज का खतरा अधिक देखा जाता है।
चीनी खाने से डायबिटीज का खतरा
डॉक्टर कहते हैं, सीधे तौर पर केवल चीनी खाना डायबिटीज का एकमात्र कारण नहीं है।
- टाइप-2 डायबिटीज तब होती है जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील (इंसुलिन रेजिस्टेंस) हो जाती हैं या अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता।
- ज्यादा चीनी और मीठे पेय का लगातार सेवन वजन बढ़ा सकता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता है।
- इसलिए चीनी आपके जोखिमों को बढ़ा सकती है, लेकिन ये बीमारी का अकेला कारण नहीं है।
डायबिटीज से बचने के लिए इन चीजों से भी करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिर्फ मिठाई ही नहीं, बल्कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, सफेद ब्रेड-मैदा और केक-बिस्कुट भी ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं।
- पैकेज्ड जूस और ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थ भी बार-बार खाने से रक्त शर्करा और वजन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- इनमें अक्सर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, अस्वास्थ्यकर फैट और अतिरिक्त नमक-चीनी होती है।
इसके अलावा अध्ययनों में पाया गया है कि लगातार नींद पूरी न होना और लंबे समय तक तनाव में रहना शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इससे कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ सकते हैं, जो इंसुलिन की कार्यक्षमता पर असर डालते हैं। तनाव के दौरान लोग अस्वास्थ्यकर खानपान ज्यादा करते हैं और शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है। इसका भी शुगर लेवल पर असर देखा जाता है।
पेट निकल रहा है तो भी सावधान
डॉक्टर कहते हैं, टाइप-2 डायबिटीज का एक बड़ा कारण मोटापा, खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी भी है।
- अतिरिक्त फैट शरीर में सूजन बढ़ाती है और इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है।
- शारीरिक गतिविधि कम होने और हाई कैलोरी वाली चीजें खाने से भी जोखिम बढ़ने का खतरा रहता है।
- नियमित व्यायाम और वजन कंट्रोल रखने से डायबिटीज के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।
किन चीजों से करें परहेज?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मीठे पेय और चीनी वाली चीजों के साथ, अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स, ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थ और धूम्रपान-शराब के सेवन से बचना चाहिए। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत भी जोखिम बढ़ा सकती है। भोजन की मात्रा कम करने, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाना बेहतर विकल्प है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता का व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें इससे भी खतरे को काफी कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।