कम उम्र में मां बनने का मतलब है 20 साल की उम्र से पहले ही गर्भधारण कर लेना। टीन एज में ही मां बनना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए खतरा होता है। वैसे तो किशोरावस्था में संबंध बनाना भी खतरनाक हो सकता है लेकिन अगर संबंध बन भी जाते हैं तो गर्भावस्था में होने वाली परेशानियों के बारे में टीनएज लड़कियों को पता होना चाहिए। बहुत सारे किशोर उम्र के लड़के लड़कियां यौन शिक्षा के बारे में अधूरी जानकारी रखते हैं और इस उम्र में प्रेग्नेंसी में होने वाली परेशानियों के बारे पूरी जानकारी के अभाव में उन्हें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनके बारे में उन्हें जानकारी होना बहुत जरूरी है। आगे की स्लाइड में जानिए कम उम्र में मां बनने से लड़कियों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कम उम्र में प्रेग्नेंसी मां और बच्चे के लिए हो सकती है खतरनाक, इस तरह से रखें ख्याल
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कम उम्र में मां बनने से ज्यादातर लड़कियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगती है। जो लंबे समय तक रहने पर दिल को नुकसान पहुंचा सकती है। जिसकी वजह से होने वाले बच्चे की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है।
ब्लड प्रेशर ही नहीं कम उम्र में मां बनने पर प्रेग्नेंसी डायबिटीज का खतरा भी हो जाता है। जो होने वाले बच्चे तक पहुंच सकता है। इसके अलावा भी कम उम्र में प्रेग्नेंसी से सेहत को और भी कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।
अगर लड़कियां कम उम्र में मां बनती हैं तो उनके साथ ये समस्या अक्सर सामने आती है। उन्हें प्री मेच्योर डिलीवरी का सामना करना पड़ सकता है। जो जज्जा और बच्चा दोनों की जान के लिए खतरा होता है। वहीं इस उम्र में बच्चे को ठीक से पोषण न मिलने की वजह से बच्चा कम वजन का हो सकता है। जिससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ता और गर्भ में ठीक से विकास भी नहीं हो पाता है।
बच्चे के मानसिक विकास पर असर पड़ता है। टीन एज में मां बनने से बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ता है और बच्चे अक्सर मानसिक रूप से विकृत पैदा होते हैं। इन सबके साथ ही होने वाली मां को बहुत सारे हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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