कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले लगातार सुर्खियों में रहे हैं। फेमस हरियाणवी स्टार पेप्सी शर्मा की मौत की खबर ने प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ा दी।
Pepsi Sharma Death: हार्ट अटैक से फेमस हरियाणवी सिंगर की मौत, डॉक्टर ने बताए बढ़ते खतरे के चार बड़े कारण
Pepsi Sharma Death News: हरियाणवी फोक आर्टिस्ट पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें अचानक सीने में दर्द उठा और आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बढ़ रहे हैं कम उम्र वालों में हार्ट अटैक के मामले
अभी हाल ही में अमर उजाल में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने हार्ट अटैक से पूर्व क्रिकेटर एसएल अक्षय की मैदान पर ही मौत की जानकारी दी थी। वह भी 40 साल से कम उम्र (39) के थे।
हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले रिपोर्ट सामने आए हैं जहां फिटनेस फ्रीक लोगों को हार्ट अटैक हुआ। डॉक्टर कहते हैं, सिर्फ बाहरी फिटनेस ही दिल की सेहत की गारंटी नहीं होती। जो व्यक्ति बाहर से स्वस्थ दिख रहा हो ये जरूरी नहीं है कि वह भीतर से भी हेल्दी हो।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एम.आर.खान ने एक बातचीत में बताया कि कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत के लिए कुछ चार कारणों को बहुत कॉमन देखा गया है। इनपर अगर समय रहते ध्यान दे दिया जाए तो संभवत: ऐसी घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली स्थितियां
डॉ. खान कहते हैं, दिल के दौरे अचानक नहीं होते। ये लंबी प्रक्रिया है, पर चूंकि हम शुरुआत में कुछ अंतर्निहित स्थितियों पर ध्यान नहीं देते और खुद को स्वस्थ मानते रहते हैं। ये कई बार गंभीर रूप लेकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देती हैं।
1. मेटाबॉलिक समस्याएं
मेटाबॉलिक समस्याएं जैसे कम उम्र में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियां हृदय के साथ पूरे शरीर पर सीधा असर डालती हैं।
- जब शरीर में शुगर या फैट का लेवल बढ़ जाता है, तो यह नसों में धीरे-धीरे जमाव करने लगता है।
- इससे खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता और दिल पर दबाव बढ़ जाता है।
- हाई ब्लड प्रेशर दिल को सामान्य से ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
- चूंकि इन समस्याओं के शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते इसलिए अक्सर लोगों को पता ही नहीं होता कि वे इसका शिकार भी हैं।
लाइफस्टाइल की समस्याएं
बैठकर काम करने वाली जीवनशैली भी दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है।
- वर्क फ्रॉम होम हो या ऑफिस में लगातार बैठकर काम करने से शरीर की गतिविधि कम हो जाती है।
- इसके साथ ही जंक फूड, ज्यादा तेल-चीनी वाला खाना और फलों-सब्जियों की कमी शरीर को कमजोर करती है।
- लगातार तनाव और नींद की कमी भी हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं।
- धूम्रपान से नसें सिकुड़ जाती हैं और दिल को ऑक्सीजन कम मिलती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
आमतौर पर इन सभी को हम रोजाना की जिंदगी में बहुत हल्के में लेते हैं, जो असल में बहुत खतरनाक है।
जेनेटिक कंडीशन्स का पता न चलना
कुछ लोगों में जन्म से ही ऐसी बीमारियां होती हैं जो लंबे समय तक पता नहीं चलतीं।
- फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया में शरीर में कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा बढ़ा होता है, भले ही व्यक्ति हेल्दी खाना खाए।
- इसी तरह हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी में दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं, जिससे खून पंप करने में दिक्कत आती है।
- दिल की धड़कन से जुड़ी गड़बड़ियां भी अचानक समस्या पैदा कर सकती हैं। ये स्थितियां अक्सर बिना लक्षण के रहती हैं, इसलिए समय पर जांच न होने पर अचानक हार्ट अटैक या बेहोशी का खतरा बढ़ जाता है।