शिलान्यास में सियासी खींचतान: वाराणसी में शिलापट से पार्षद का पद गायब, फफक पड़े; बोले- विधायकजी ये ठीक नहीं
Varanasi News: वाराणसी में एक निर्माण कार्य के शिलान्यास को लेकर सियासी खींचतान सामने आई है। पार्षद संजय विश्वंभरी ने आरोप लगाया कि विधायक ने कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए उनसे सहयोग मांगा, लेकिन शिलापट पर उनका पद शामिल नहीं किया गया। पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बताया, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
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Varanasi News: कालभैरव वार्ड स्थित टाउनहॉल के गांधी पार्क के सुंदरीकरण, ओपन जिम, बेंच और अन्य सुविधाओं के निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में विकास कार्यों से ज्यादा चर्चा शिलापट को लेकर छिड़े विवाद की हो रही है। कार्यक्रम के बाद वार्ड के निर्वाचित पार्षद संजय विश्वंभरी ने शिलापट पर अपना पद नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई और इसे जनप्रतिनिधि की उपेक्षा बताया।
पार्षद संजय कुमार गुजराती ने मीडिया से कहा कि विधायक निधि से हो रहे कार्य के शिलान्यास में उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जबकि कार्यक्रम की तैयारी से लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को जुटाने तक की जिम्मेदारी उन्होंने निभाई। उनका कहना है कि विधायक नीलकंठ तिवारी ने स्वयं उन्हें फोन कर कार्यक्रम की जानकारी दी थी और लोगों को एकत्रित करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जुटाया।
नाराज पार्षद ने मीडिया के सामने रोते हुए कहा कि वह जनता के वोट से चुनकर आए हैं, लेकिन शिलापट पर उनका पद तक नहीं लिखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड की जिम्मेदारी नामित पार्षद को सौंप दी गई है और निर्वाचित जनप्रतिनिधि की अनदेखी की जा रही है।
पार्षद संजय विश्वंभरी ने कहा कि वह इस पूरे मामले को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने रखेंगे। उनका कहना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि की उपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संदेश नहीं है। वहीं, दूसरी ओर शिलान्यास कार्यक्रम के बाद यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि यह नाराजगी केवल शिलापट तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में भाजपा की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों को जन्म देती है!