UP: लिफ्ट देकर तीन लाख कैश लूटने वाला बदमाश गिरफ्तार, तीन जिलों में दर्ज हैं छह FIR; यक्ष ऐप से मिली मदद
Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस ने यक्ष ऐप के जरिए हुई तीन लाख रुपये की झपटमारी का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ समेत तीन जिलों में छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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UP News: आजमगढ़ पुलिस ने यक्ष ऐप और तकनीकी विश्लेषण की मदद से तीन लाख रुपये से अधिक की झपटमारी का खुलासा किया है। इस मामले में एक अंतरजनपदीय अपराधी राजेश चौहान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से दो लाख 56 हजार रुपये नकद, एक तमंचा और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।
यह घटना एक जून को हुई थी। राजपति यादव नामक सेल्समैन जौनपुर से आजमगढ़ जा रहा था। एक अज्ञात मोटरसाइकिल सवार ने उसे अपनी गाड़ी पर बैठा लिया। ठेकमा बाजार के पास आरोपी ने राजपति यादव से तीन लाख 22 हजार 60 रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गया।
बरदह थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने तकनीकी संसाधनों के उपयोग के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग का गहन विश्लेषण किया। यक्ष ऐप के अपराधियों के डेटाबेस से संदिग्ध की पहचान राजेश चौहान के रूप में हुई। मानवीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के समन्वय से पुलिस आरोपी तक पहुंची।
गिरफ्तारी और बरामदगी
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि आठ जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। शंकरपुर-हरिश्चंद्रपुर पुलिया क्षेत्र में राजेश चौहान को मोटरसाइकिल से आते देखा गया। उसने पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश की। घबराहट में उसकी मोटरसाइकिल फिसल गई और वह पैदल भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने झपटमारी की घटना स्वीकार की। उसके पास से दो लाख 56 हजार रुपये नकद, एक देसी तमंचा, एक कारतूस और बिना नंबर की होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल मिली।
यक्ष ऐप की भूमिका
सीओ लालगंज ने बताया कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक उन्नत तकनीकी प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य अपराधियों की त्वरित पहचान और अपराध अनावरण को प्रभावी बनाना है। इस ऐप में अपराधियों के फोटो, आपराधिक इतिहास और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इस मामले में यक्ष ऐप ने जांच को सही दिशा देने और आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी में दर्ज हैं छह प्राथमिकी
सीओ भूपेश पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेश चौहान के ऊपर विभिन्न जिलों में छह प्राथमिकी दर्ज है। इसमें आजमगढ़ के बरदह थाने में दो, सिधारी में एक, वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाने में एक और गाजीपुर जनपद के सैदपुर थाने में दो प्राथमिकी दर्ज है। इनमें से तीन प्राथमिकी तो सिर्फ आर्म्स एक्ट में दर्ज है।