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Heatwave Risk: अधिक तापमान प्रजनन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक, समय से पहले जन्म-गर्भावस्था की हो सकती हैं दिक्कतें

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 26 Apr 2024 12:55 PM IST
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heatwave can impact male and female fertility causes preterm birth risk
प्रजनन, गर्भावस्था - फोटो : istock

देशभर के अधिकतर राज्य इन दिनों भीषण गर्मी-लू की चपेट में हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पारा लगातार 38-40 डिग्री के बीच बना हुआ है। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान से सेहत पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है जिसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन से लेकर ब्लड प्रेशर लो होने, डायबिटीज रोगियों की जटिलताओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है। क्या आप जानते हैं कि बढ़ते तापमान का प्रजनन स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है?



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अत्यधिक तापमान का संपूर्ण स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। शोध से पता चलता है अत्यधिक गर्मी महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। जो महिलाएं अधिक गर्म वातावरण के संपर्क में रहती है उनमें मासिक धर्म में अनियमितता, प्रजनन क्षमता में कमी और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं के शिकार होने का खतरा हो सकता है। 

कुछ रिपोर्ट्स बताते हैं कि गर्भवती के लिए भी इस तरह का तापमान स्वास्थ्य संबंधी जटितलाओं का कारण बन सकता है। 


(क्या हम औसत 50 डिग्री तापमान की तरफ बढ़ रहे हैं? संभले नहीं तो खड़ी हो सकती हैं अस्तित्व के लिए बड़ी चुनौतियां)- पढ़ने के लिए क्लिक करें

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प्रजनन स्वास्थ्य पर असर - फोटो : istock

पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी असर डालता है। 
https://www.nature.com/articles/s41467-018-07273-z

नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित अध्ययन में लेखकों बताया, हीटवेव पुरुषों की प्रजनन क्षमता और शुक्राणु की कार्यशीलता को क्षति पहुंचा सकती है। इंग्लैंड के नॉर्विच में ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी के पारिस्थितिकीविद और जीवविज्ञानियों ने पाया कि बताया कि तापमान के अधिक संपर्क से नपुंसकता की समस्या बढ़ने का खतरा हो सकता है।

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प्रजनन स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : istock

डीएनए क्षति का हो सकता है खतरा

अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया बढ़े हुए तापमान का शुक्राणुओं के उत्पादन की समस्या देखी गई है। अत्यधिक गर्मी और हीटवेव के कारण डीएनए में क्षति देखी जा रही है जो प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ये इसलिए भी चिंताजनक स्थिति है क्योंकि जिस प्रकार से दुनिया के अधिकतर देशों में पिछले एक दशक में तापमान में वृद्धि हो रही है वो न सिर्फ प्रजनन पर असर डाल रही है साथ ही इसका असर भ्रूण की सेहत पर भी नकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।

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समय से पहले जन्म का खतरा - फोटो : istock

समय से पहले जन्म का जोखिम

हीटवेव समय से पहले जन्म और इससे संबंधित जटिलताओं का भी कारण बन रही है। कैलीफोर्निया में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि तापमान में प्रत्येक 5.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के कारण समय से पहले जन्म का जोखिम 8.6 प्रतिशत बढ़ जाता है। समय से पहले जन्मे बच्चों में विकासात्मक समस्याओं के साथ कई प्रकार की अन्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा हो सकता है।

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गर्भावस्था की समस्या - फोटो : istock

अधिक तापमान के संपर्क से करें बचाव

विशेषज्ञ कहते हैं अधिक तापमान के कारण कई प्रकार के स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं, प्रजनन विकारों की समस्या उनमें से एक उभरता खतरा है। महिला और पुरुषों दोनों को अधिक तापमान के संपर्क में आने से बचना चाहिए। पहले के अध्ययनों में भी इस बात को लेकर चिंता जताई जाती रही है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ता तापमान इंसानी स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। जलवायु परिवर्तन से इसका जोखिम और बढ़ गया है। 



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स्रोत और सदर्भ
Experimental heatwaves compromise sperm function and cause transgenerational damage in a model insect


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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