{"_id":"69c0c3434149520a960f5628","slug":"home-remedy-and-symptoms-of-vata-pitta-kapha-dosh-in-hindi-2026-03-23","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Vata Pitta Kapha Dosh: वात, पित्त और कफ दोष बिगड़े तो बढ़ती हैं बीमारियां! यहां जानें इसके लक्षण और घरेलू उपाय","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Vata Pitta Kapha Dosh: वात, पित्त और कफ दोष बिगड़े तो बढ़ती हैं बीमारियां! यहां जानें इसके लक्षण और घरेलू उपाय
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:43 AM IST
सार
What Is Vata Pitta Kapha Dosh: अगर आपको अभी तक इसके बारे में जानकारी नहीं है, तो आइए हम बताते हैं कि आखिर ने वात पित्त कफ दोष होता क्या है?
विज्ञापन
: वात, पित्त और कफ दोष बिगड़े तो बढ़ती हैं बीमारियां!
- फोटो : अमर उजाला
What Is Vata Pitta Kapha Dosh: आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर तीन मुख्य दोषों वात, पित्त और कफ से मिलकर बना होता है। ये तीनों दोष शरीर के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब ये संतुलित रहते हैं, तो व्यक्ति स्वस्थ रहता है, लेकिन इनमें असंतुलन होने पर कई तरह की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं।
Trending Videos
क्या है वात दोष?
- फोटो : Adobe Stock
क्या है वात दोष?
वात दोष शरीर में गति और संचार से जुड़ा होता है। यह सांस लेने, चलने-फिरने, नर्व सिस्टम और दिमाग की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। जब यह असंतुलित होता है, तो शरीर में सूखापन बढ़ जाता है, त्वचा रूखी हो जाती है और जोड़ों में दर्द या अकड़न महसूस होती है। इसकी वजह से गैस, कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। मानसिक रूप से व्यक्ति चिंता, डर और बेचैनी महसूस कर सकता है।
वात दोष शरीर में गति और संचार से जुड़ा होता है। यह सांस लेने, चलने-फिरने, नर्व सिस्टम और दिमाग की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। जब यह असंतुलित होता है, तो शरीर में सूखापन बढ़ जाता है, त्वचा रूखी हो जाती है और जोड़ों में दर्द या अकड़न महसूस होती है। इसकी वजह से गैस, कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। मानसिक रूप से व्यक्ति चिंता, डर और बेचैनी महसूस कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है वात दोष?
- फोटो : Adobe Stock
कैसे करें संतुलित?
इसे संतुलित करने के लिए गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी होता है। तिल के तेल से मालिश करने से शरीर को गर्माहट मिलती है और वात शांत होता है। ठंडी और सूखी चीजों से बचना चाहिए और नियमित दिनचर्या अपनाना बहुत जरूरी होता है।
इसे संतुलित करने के लिए गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी होता है। तिल के तेल से मालिश करने से शरीर को गर्माहट मिलती है और वात शांत होता है। ठंडी और सूखी चीजों से बचना चाहिए और नियमित दिनचर्या अपनाना बहुत जरूरी होता है।
क्या है पित्त दोष?
- फोटो : Adobe Stock
क्या है पित्त दोष?
पित्त दोष शरीर की गर्मी, पाचन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। जब पित्त बढ़ता है, तो शरीर में ज्यादा गर्मी पैदा होती है, जिससे ज्यादा पसीना, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। व्यक्ति जल्दी गुस्सा हो सकता है और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। त्वचा पर लालपन या रैशेज भी दिखाई दे सकते हैं।
पित्त दोष शरीर की गर्मी, पाचन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। जब पित्त बढ़ता है, तो शरीर में ज्यादा गर्मी पैदा होती है, जिससे ज्यादा पसीना, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। व्यक्ति जल्दी गुस्सा हो सकता है और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। त्वचा पर लालपन या रैशेज भी दिखाई दे सकते हैं।
विज्ञापन
क्या है पित्त दोष?
- फोटो : Freepik
कैसे करें संतुलित?
पित्त को संतुलित करने के लिए ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ जैसे खीरा, नारियल पानी और हरी सब्जियां फायदेमंद होती हैं। मसालेदार, तला-भुना और ज्यादा खट्टा भोजन कम करना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना और ध्यान-योग करना भी पित्त को शांत रखने में मदद करता है।
पित्त को संतुलित करने के लिए ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ जैसे खीरा, नारियल पानी और हरी सब्जियां फायदेमंद होती हैं। मसालेदार, तला-भुना और ज्यादा खट्टा भोजन कम करना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना और ध्यान-योग करना भी पित्त को शांत रखने में मदद करता है।