शराब अगर आपके लिए पार्टियों की असली जान है, स्ट्रेस कम करना हो या फिर अगर आप भी इसे सोशल लाइफ का हिस्सा मानते हैं, तो सावधान हो जाइए आप जानलेवा रोगों को खुद अपने घर पर बुला रहे हैं। स्ट्रेस में कई लोगों को शराब पीने से कुछ समय के लिए मूड अच्छा सा लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसका सेवन शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार शराब कई गंभीर बीमारियों और समय से पहले मौत का बड़ा कारण है। शराब का सीधा संबंध कई तरह के कैंसर से भी पाया गया है।
Health Alert: कहीं आप खुद ही तो नहीं दे रहे बीमारियों को न्योता? ये एक आदत कैंसर समेत 62 बीमारियों का कारण
अध्ययन में पाया गया है कि शराब कम से कम 62 बीमारियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इनमें शराब से संबंधित हृदय रोग, मानसिक विकार, गैस्ट्राइटिस, अल्सर, अग्न्याशय की सूजन, फैटी लीवर, भ्रूण पर शराब के दुष्प्रभाव और लिवर सिरोसिस जैसी स्थितियां शामिल हैं।
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शराब का हर पैग आत्मघाती
आमतौर पर माना जाता है कि शराब पीने से केवल लिवर को ही नुकसान होता है, पर हकीकत ये है कि शराब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, मस्तिष्क, हृदय और यहां तक कि कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देती है।
- हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने शराब के हर पैग को आत्मघाती बताया है।
- विशेषज्ञों के अनुसार शराब का नियमित सेवन शरीर को कई स्तरों पर धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।
- हालांकि समय रहते इसे छोड़ दी जाए तो कई स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है और कुछ आंशिक नुकसान सुधर भी सकते हैं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के डेनवर स्थित नेशनल ज्यूइश हेल्थ में हृदय रोग रोकथाम एवं वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. एंड्रयू फ्रीमैन कहते हैं, शराब शरीर पर विषैले प्रभाव डालती है।
वहीं टोरंटो स्थित इंस्टीट्यूट फॉर मेंटल हेल्थ पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ वैज्ञानिक जर्गन रेहम कहते हैं कि शराब कम से कम 62 बीमारियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इनमें शराब से संबंधित हृदय रोग, मानसिक विकार, गैस्ट्राइटिस, अल्सर, अग्न्याशय की सूजन, फैटी लीवर, भ्रूण पर शराब के दुष्प्रभाव और लीवर सिरोसिस जैसी स्थितियां शामिल हैं।
इसके अलावा करीब 30 अन्य बीमारियां ऐसी भी हैं जिनमें शराब जोखिम बढ़ाने वाला कारक बनती है। इनमें स्तन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह और डिमेंशिया शामिल हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली को करती है कमजोर
शराब का असर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बहुत तेजी से पड़ता है। केवल एक ड्रिंक लेने के 20 मिनट के भीतर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। इससे शरीर की वायरस व बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता घट सकती है।
- शराब सफेद रक्त कोशिकाओं पर भी नकारात्मक असर डालती है। यही कोशिकाएं संक्रमण और कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।
- यही कारण है कि शराब पीने वालों में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी अन्य लोगों से कहीं ज्यादा होता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा
शराब की लत केवल शरीर ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक होती है।
- शुरुआत में शराब कुछ समय के लिए तनाव कम करती हुई महसूस हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने लगती है।
- लगातार शराब पीने से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार शराब दिमाग में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर के संतुलन को बिगाड़ देती है। इससे मूड स्विंग, नींद की समस्या और सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक शराब पीने वालों में याददाश्त कमजोर होना और निर्णय लेने की क्षमता कम होना भी देखा जाता है।
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स्रोत:
A review of the relationship between dimensions of alcohol consumption and the burden of disease: 2026 update including Mendelian randomisation studies
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