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Health Alert: टोमैटो सॉस के नाम पर कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहर? लिवर-किडनी सब दे देंगे जवाब

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 19 May 2026 06:44 PM IST
सार

लोगों को लगता है कि टमाटर से बना होने के कारण बाजार में मिलने वाला टोमैटो सॉस हेल्दी होगा। लेकिन यूपी के हापुड़ में छापेमारी के दौरान पाया गया है कि यहां बड़ी मात्रा में नकली सॉस बनाई जा रही थी। इसमें स्टार्च, शुगर, नमक, सोडियम बेन्जोएट मिलाकर तैयार किया जा रहा था। इसके सेहत पर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

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टौमेटो कैचप और सॉस - फोटो : Amarujala.com/AI

चाउमीन-बर्गर हो या फ्रेंच फ्राइज, समोसा हो या पिज्जा बिना टोमैटो सॉस के ये सब अधूरे लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस लाल रंग की सॉस को आप बड़े चटकारे लेकर खाते हैं असल में वही आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है?



अक्सर लोगों को लगता है कि जो टोमैटो सॉस हम खरीद कर लाते हैं या फिर होटल, फूड कॉर्नर पर जिस टोमैटो सॉस का इस्तेमाल किया जाता है, उससे क्या ही खतरा होगा? टमाटर में तो लाइकोपीन, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, इतना ही नहीं टमाटर को तो प्रोस्टेट कैंसर से बचाव में भी फायदेमंद माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले ज्यादातर टोमैटो सॉस और केचप में असली टमाटर कम और चीनी, नमक, प्रिजर्वेटिव्स, आर्टिफिशियल फ्लेवर और कॉर्न सिरप जैसी चीजें ज्यादा होती हैं।

यही कारण है कि डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लगातार प्रोसेस्ड सॉस को सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं। यूपी के हापुड़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधी प्रशासन विभाग की टीम ने ऐसे ही एक स्थान पर छापा मारा है जहां नकली सॉस बनाई जा रही थी।

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जहरीले सॉस की फैक्टरी पर छापा - फोटो : अमर उजाला

छापेमारी में नकली सॉस किया गया सीज

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार टीम ने हापुड़ में चंडी रोड मेरठ गेट पुलिस चौकी के पास एक स्थान पर छापेमारी की। यहां से 30 पेटी नकली सॉस को सीज किया गया है जिसमें 360 बोतल पैक थी। 
 

  • परीक्षण में पाया गया है कि ऐसी सॉस खाने से सेहत खराब हो सकती है।
  • अधिकारियों ने बताया कि सॉस को गाजर, स्टार्च, शुगर, नमक, सोडियम बेन्जोएट खाद्य रंग मिलाकर तैयार किया जा रहा था। 
  • इसमें अधिक मात्रा में रंग और गंदगी पाई गई जो सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकती है।
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बाजार में मिलने वाले टौमेटो कैचप और सॉस - फोटो : Freepik.com

क्या कहती हैं डायटीशियन?

आहार विशेषज्ञ गरिमा चौहान बताती हैं, टोमैटी सॉस में मौजूद चीनी और नमक की मात्रा के कारण इसके अधिक सेवन को लेकर लगातार अलर्ट किया जाता रहा है। 
 

  • रिपोर्ट्स में पता चला है कि टमाटर को फैक्ट्री प्रोसेसिंग से गुजारा जाता है। उसमें अत्यधिक चीनी, नमक और केमिकल मिलाए जाते हैं। 
  • कई ब्रांड्स में एक चम्मच केचप में लगभग एक चम्मच तक शुगर हो सकती है। 
  • यही छिपी हुई चीनी और नमक शरीर में मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ाती है।
  • सॉस में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल कलर लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर में सूजन, एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतों का कारण बन सकते हैं।
  • खराब क्वालिटी के सॉस से लिवर और किडनी पर भी गंभीर असर पड़ने का खतरा रहता है।
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बच्चों में बीमारियों का खतरा - फोटो : Freepik.com

बच्चों को इससे सबसे ज्यादा खतरा
 

डायटीशियन कहती हैं, टोमैटो केचप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के खाने में होता है। बच्चे अक्सर फ्राइज, पिज्जा, नगेट्स और प्रोसेस्ड स्नैक्स के साथ सॉस-कैचप खाना पसंद करते हैं।
 
  • अधिक चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थ बच्चों के दिमाग में रिवार्ड सिस्टम को सक्रिय करते हैं, जिससे वे बार-बार उसी तरह के खाने की मांग करते हैं। 
  • नमक और चीनी की अधिकता वाली ये चीजें असल में उन्हें कम उम्र में ही मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर का शिकार बना सकती हैं।
  • केचप अक्सर तले हुए और जंक फूड के साथ ज्यादा खाया जाता है। यह कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र पर दबाव डालता है। जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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टौमेटो सॉस खाते हैं तो बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com

तो क्या फिर नहीं खानी चाहिए सॉस?

आहार विशेषज्ञ कहती हैं, ऐसा नहीं है कि आपको फिर सॉस खाना ही बंद कर देना चाहिए। सॉस खरीदते समय पैक पर उसके इंग्रीडिएंट्स की जांच करें। देखें उसमें सोडियम-शुगर या फिर प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स की मात्रा तो ज्यादा नहीं है? खुले में या बहुत लाल रंग के दिखने वाले सॉस ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। फूडकार्ट, ठेले पर या फिर बाजार में मिलने वाले चाउमीन में अक्सर इन्हीं का इस्तेमाल होता है।

सॉस हमेशा विश्वसनीय ब्रांड से और पैकेजिंग अच्छे से जांच कर ही खरीदें और इस्तेमाल करें। घर पर खुद बनाए सॉस ज्यादा हेल्दी तरीका हो सकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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