सब्सक्राइब करें

Drug Abus: 'नशा करती है नाश', जानिए एक छोटी सी आदत कैसे पूरी सेहत को कर देती है तबाह

Fri, 26 Jun 2026 03:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 26 Jun 2026 03:38 PM IST
सार

International Day against Drug Abus: नशा केवल शराब, सिगरेट या ड्रग्स तक सीमित नहीं रह गया है। सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली गोलियां, वेपिंग, निकोटिन पाउच और अन्य मादक पदार्थों का इस्तेमाल कम उम्र के किशोरों और युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। ये आदत पूरे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।

विज्ञापन
International Day Against Drug Abuse how does intoxication affect body nasha karne ke nuksan
नशे की आदत के नुकसान - फोटो : Amarujala.com/AI

आज (26 जून) अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस है। नशे की आदत हमारी पूरी सेहत के लिए खतरनाक मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नशा शरीर का नाश करती है। ये ऐसा जहर जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देता है, दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता को कम करता है यहां तक कि आपके रिश्तों में भी दरार डाल देता है। चिंता की बात ये है कि देश में बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हैं और ये आदत किशोरों में भी बढ़ती देखी जा रही है।


 

  • अंतरराष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'नशामुक्त भारत' का संकल्प दोहराया। शाह ने ड्रग तस्करी पर सख्ती और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास पर जोर दिया।
  • उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा 'मैं उन विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संगठनों की सराहना करता हूं जो इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयास एक मजबूत, स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत बनाने की दिशा में सार्थक योगदान दे रहे हैं।


आज नशा केवल शराब, सिगरेट या ड्रग्स तक सीमित नहीं रह गया है। सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली गोलियां, वेपिंग, निकोटिन पाउच और अन्य मादक पदार्थों का इस्तेमाल कम उम्र के किशोरों और युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। ये गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं।

International Day Against Drug Abuse how does intoxication affect body nasha karne ke nuksan
नशे को कहें न - फोटो : Freepil.com

नशा कर देता है सबकुछ नाश
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के अनुसार, नशीले पदार्थ सीधे मस्तिष्क के रिवॉर्ड सिस्टम को प्रभावित करते हैं। शुरुआत में यह कुछ समय के लिए आपको अच्छा महसूस कराता है, लेकिन बार-बार नशे की आदत की वजह से मस्तिष्क इन पर निर्भर होने लगता है। यही निर्भरता धीरे-धीरे लत का रूप ले लेती है।
 

  • नशे की आदत हमारी सेहत के लिए तो खतरनाक है ही, साथी ही  पूरे परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। सड़क दुर्घटनाओं के लिए भी इसे बड़ा कारण माना जाता रहा है। 
  • कई मामलों में इससे अवसाद, आत्मघाती विचार तथा गंभीर मानसिक बीमारियां भी विकसित हो सकती हैं। 
  • लंबे समय तक नशा करने से लिवर, हृदय, फेफड़े, किडनी और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
International Day Against Drug Abuse how does intoxication affect body nasha karne ke nuksan
फेफड़े की बीमारियों का खतरा - फोटो : Adobe Stock

नशे की आदत का शारीरिक पर असर

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नशे की आदत शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।
 

  • शराब का अधिक सेवन लिवर में फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। 
  • तंबाकू और निकोटिन फेफड़ों के कैंसर, सीओपीडी (सीओपीडी), हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाते हैं। 
  • ओपिऑयड और अन्य ड्रग्स सांस की गति को धीमा कर सकते हैं, जिससे ओवरडोज की स्थिति में मौत तक हो सकती है।
  • ड्रग्स मस्तिष्क, हृदय और रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित करते हैं। कुछ उत्तेजकड्रग्स जैसे कोकीन और मेथामफेटामिन ब्लड प्रेशर और हृदय गति को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकते हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
International Day Against Drug Abuse how does intoxication affect body nasha karne ke nuksan
स्ट्रेस-डिप्रेशन के खतरे - फोटो : adobe stock images

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

नशीले पदार्थ सीधे मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित करते हैं जो आनंद, निर्णय लेने, याददाश्त और भावनाओं को नियंत्रित करते हैं। 

  • शुरुआत में नशे के कारण तनाव कम महसूस हो सकता है, लेकिन समय के साथ ये स्थिति मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित करने लगती है।
  • ड्रग्स और शराब का लंबे समय तक सेवन डिप्रेशन, स्ट्रेस-एंग्जाइटी, चिड़चिड़ापन और मूड में लगातार बदलाव का कारण बन सकता है। 
  • कुछ चीजें भ्रम और मनोविकृति जैसी गंभीर मानसिक समस्याएं भी पैदा कर सकती हैं।
विज्ञापन
International Day Against Drug Abuse how does intoxication affect body nasha karne ke nuksan
नशे से होने वाले नुकसान - फोटो : Freepik.com

नशे का कहें न

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था में मस्तिष्क पूरी तरह विकसित नहीं होता। इसी कारण कम उम्र में बढ़ती नशे की आदत सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
 

  • कम उम्र में नशा करने वालों में आगे चलकर गंभीर लत विकसित होने की आशंका रहती है। 
  • किशोर मस्तिष्क पर नशीले पदार्थों का प्रभाव सीखने की क्षमता, याददाश्त, ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। 
  • नशे की लत के शिकार लोगों को मनोचिकित्सक या नशा मुक्ति विशेषज्ञ से लाभ मिल सकता है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed