भारतीय चिकित्सा पद्धित में कई प्रकार की बीमारियों का प्रभावी इलाज रहा है। आयुर्वेद में कई ऐसी प्रभावी औषधियां हैं जिसका गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। पेट दर्द, कब्ज जैसी समस्याओं में आपके घर में इसबगोल के इस्तेमाल की चर्चा सुनी होगी।
Isabgol Benefits: पाचन की दिक्कत हो या वेट लॉस, इन सभी में रामबाण है इसबगोल; कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा असर
बड़े काम का है इसबगोल
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसबगोल प्राकृतिक रूप से घुलनशील फाइबर के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। यही कारण है कि ये कब्ज की दिक्कत में काफी लाभ दे सकता है। इतना ही नहीं कोलेस्ट्रॉल हो या ब्लड शुगर बढ़ने की दिक्कत इनमें भी इसबगोल के सेवन को फायदेमंद पाया गया है।
अगर आप वजन घटाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इसमें भी इसबगोल का सेवन करने से विशेष लाभ पाया जा सकता है। इसबगोल पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। यह लो कैलोरी वाला होता है साथ ही फाइबर की अधिकता के कारण वेट लॉस में भी इससे मदद मिलती है।
पाचन की समस्याओं में रामबाण
इसबगोल पानी के संपर्क में आते ही फूलकर जेल जैसा बन जाता है। यह आंतों में जाकर मल को नरम करता है और मल त्याग आसान बनाता है।
मेडिकल साइंस ने माना है कि इसबगोल आंतों की कार्यक्षमता भी बढ़ाता है, जिससे पाचन तंत्र में भोजन आसानी से आगे बढ़ता है और पेट साफ रहता है। इसके नियमित सेवन से पेट में दर्द और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
कोलेस्ट्रॉल घटाने में भी मिलता है लाभ
इसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है। अध्ययनों से पता चलता है कि फाइबर आंत में जाकर बाइल एसिड के साथ बाइंड हो जाता है और उन्हें मल के साथ बाहर निकाल देता है। बाइल एसिड की अधिकता कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी अपने अध्ययन में पाया कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला हाई फाइबर वाली चीजें फायदेमंद हैं। डॉक्टरी सलाह से 6-10 सप्ताह में इसका सेवन कोलेस्ट्रॉल को 5-15% तक घट सकता है।
शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद
इसबगोल में मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट्स के पाचन की गति धीमी कर देता है, जिससे खाने के बाद अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ता। टाइप-2 डायबिटीज मरीजों पर हुए अध्ययनों ने पाया कि आहार में फाइबर की अधिकता शुगर को 20–30% तक कम कर सकता है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता भी बढ़ाता है, यानी शरीर इंसुलिन को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है। सुबह नाश्ते से 30 मिनट पहले या खाने के साथ 1 चम्मच इसबगोल बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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