वैश्विक स्तर पर मधुमेह रोग का खतरा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ता हुआ रिपोर्ट किया गया है। डायबिटीज, खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने के कारण होने वाली समस्या है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर का बढ़ना और कम होना दोनों ही स्थितियां गंभीर समस्या का कारण बन सकती हैं, इसलिए इसे कंट्रोल में रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। आहार में गड़बड़ी के कारण शुगर के लेवल में बढ़ोतरी आने का खतरा अधिक होता है, ऐसे में सभी लोगों को इस तरह के जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
सेहत की बात: मीठा होने के बाद भी इन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, डायबिटीज रोगी कर सकते हैं सेवन
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर मीठा फल शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ाता हो यह आवश्यक नहीं है। फलों के ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर बहुत कुछ निर्भर करता है। सामान्यतौर पर माना जाता है कि 55 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स रैंक वाले किसी भी चीज का सेवन मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि मधुमेह की स्थिति सभी लोगों में अलग-अलग हो सकती है, इसलिए सही आहार और फलों का चयन करने के लिए किसी विशेषज्ञ की सहायता जरूर ले लेनी चाहिए।
अंगूर के फायदे
अंगूर को कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर फल के रूप में जाना जाता है। पक जाने पर अंगूर स्वाद में मीठे हो जाते हैं ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज में अंगूर खाया जा सकता है? अध्ययनों से पता चलता है कि अंगूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 25-30 के बीच माना जाता है, ऐसे में इसके सेवन से डायबिटीज बढ़ने का जोखिम कम होता है। अंगूर विटामिन-सी का अच्छा स्रोत हैं जो इसे शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद बनाते हैं।
डायबिटीज में सेब का सेवन
सेब, दुनियाभर में पसंदीदा फलों में से एक है। छिलके सहित सेब का सेवन करके दैनिक फाइबर की जरूरतों का लगभग 20 प्रतिशत प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा सेब में कई प्रकार के विटामिन्स और खनिजों की मात्रा पाई जाती है जो इसे शरीर के लिए काफी फायदेमंद फलों में से एक बनाती है। सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 के करीब होता है ऐसे में इससे भी ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा कम होता है। डायबिटीज रोगी सेब का सेवन कर सकते हैं।
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं आम?
डायबिटीज में आम खा सकते हैं या नहीं, यह सवाल सभी के मन में रहता है। आम स्वाद में मीठे होते हैं ऐसे में माना जाता है कि इनसे शुगर लेवल बढ़ने का खतरा अधिक होता है। पर ग्लाइसेमिक इडेक्स की बात करें तो आम की रैंकिंग 51 होती है जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयुक्त बनाती है। हालांकि मधुमेह में आम खाने को लेकर विशेषज्ञों के अलग-अलग मत हैं इसलिए डॉक्टर के सलाह के आधार पर ही इस फल का सेवन किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी फल को खाने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें।
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