मानसिक तनाव, थकान और नींद पूरी न होने की समस्या मौजूदा समय में काफी आम है, सभी उम्र के लोग इसका शिकार देखे जा रहे हैं। वैसे तो ये तीनों ही दिक्कतें कुछ समय में अपने आप ही ठीक हो जाती हैं, पर अगर आप लंबे समय से इनसे परेशान हैं तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें।
Health Alert: नींद नहीं आती और मन रहता है बेचैन? शरीर में इस जरूरी मिनरल की कमी तो नहीं
लगातार तनाव और खराब नींद न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को भी बिगाड़ सकते हैं। पर इनकी वजह क्या है, आखिर क्यों ये समस्याएं हो रही हैं?
मैग्नीशियम की कमी का खतरा
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन लोगों में मैग्नीशियम की मात्रा कम होती है उनमें स्ट्रेस और नींद की समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं।
- मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है जो 300 से ज्यादा बायोकेमिकल प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।
- नर्वस सिस्टम को ठीक रखने, मांसपेशियों को आराम देने से लेकर हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने तक में इसकी भूमिका होती है।
- जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है, तो आपको ज्यादा तनाव महसूस होता है और रात में नींद पूरी नहीं हो पाती।
मैग्नीशियम की कमी से स्ट्रेस का खतरा
अध्ययन में पाया गया है कि मैग्नीशियम हमारे नर्वस सिस्टम के ठीक तरीके से कामकाज के लिए जरूरी है।
- मैग्नीशियम हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रिनल (एचपीए) एक्सिस को नियंत्रित करता है, जो शरीर में स्ट्रेस रिस्पॉन्स को मैनेज करता है।
- ये तनावपूर्ण स्थितियों में कोर्टिसोल हार्मोन को कंट्रोल करता है, जो स्ट्रेस बढ़ने का प्रमुख कारण है।
- जब शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो यह सिस्टम ओवरएक्टिव हो जाता है और कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है।
- हाई कोर्टिसोल के कारण आपको स्ट्रेस-एंग्जाइटी, चिड़चिड़ापन और मानसिक रूप से ज्यादा थकान महसूस होती है।
स्ट्रेस को कंट्रोल करने के साथ नींद को ठीक रखने के लिए भी ये मिनरल बहुत जरूरी है।
- मैग्नीशियममेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है, जो अच्छी नींद के लिए सबसे जरूरी है।
- शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर मेलाटोनिन का स्तर प्रभावित होता है, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, मैग्नीशियम मांसपेशियों और नर्व्स को आराम देने में मदद करता है, जिससे को अच्छी नींद मिलती है।
मैग्नीशियम की कमी से होती हैं और भी कई दिक्कतें
मैग्नीशियम की कमी केवल मानसिक स्वास्थ्य और नींद की समस्याओं तक सीमित नहीं है।
- ये मांसपेशियों में ऐंठन को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। मैग्नीशियम मांसपेशियों के संकुचन और रिलैक्सेशन को नियंत्रित करता है।
- इसके अलावा आपमें थकान और कमजोरी का खतरा भी बढ़ जाता है।
- मैग्नीशियम एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट के उत्पादन में मदद करता है। इसकी कमी से आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं।
- लो मैग्नीशियम के कारण दिल की धड़कन का अनियमिता का खतरा भी बढ़ जाता है।
- अक्सर सिरदर्द, माइग्रेन, भूख में कमी और उल्टी जैसे लक्षण भी मैग्नीशियम की कमी की ओर संकेत हो सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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