Neck Pain Relief Exercises: आज के डिजिटल युग में घंटों लैपटॉप के सामने झुककर काम करना और स्मार्टफोन का लगातार इस्तेमाल हमारी गर्दन और कंधों के दर्द का सबसे बड़ा कारण है। चिकित्सा की भाषा में इसे 'टेक्स्ट नेक' या 'पोश्चर स्ट्रेन' कहा जाता है, जो अब लगभग हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुका है। जब हम गलत मुद्रा में लंबे समय तक बैठते हैं, तो गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे नसों में खिंचाव और जकड़न शुरू हो जाती है।
Health Tips: गर्दन और कंधे में लंबे समय से है दर्द? इन सरल उपायों से दूर हो सकती है परेशानी
Chronic Shoulder Pain Causes: अक्सर लैपटॉप के सामने खराब पोश्चर में देर तक काम करने वाले लोगों में गर्दन दर्द और कंधे दर्द की समस्या देखने को मिलती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए क्या उपाय कर सकते हैं?
सही पोश्चर का महत्व
गर्दन दर्द से बचने का सबसे पहला कदम अपनी बैठने की पोश्चर में सुधार करना है। काम करते समय कंप्यूटर स्क्रीन को हमेशा आंखों के समानांतर रखें ताकि गर्दन को झुकाना न पड़े। हर 30-40 मिनट में एक छोटा ब्रेक लें और अपनी पीठ को सीधा रखें। फोन का इस्तेमाल करते समय उसे आंखों के सामने लाएं, न कि गर्दन को नीचे झुकाएं।
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स्ट्रेचिंग और सरल व्यायाम
गर्दन की मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज रामबाण साबित होती हैं। धीरे-धीरे गर्दन को दाएं-बाएं घुमाना, ऊपर-नीचे करना और कंधों को गोलाकार स्थिति में घुमाना मांसपेशियों के तनाव को कम करता है। इन सूक्ष्म व्यायामों को ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे भी किया जा सकता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और जकड़न तुरंत दूर होती है।
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सिकाई और आयुर्वेदिक मालिश के लाभ
अगर दर्द पुराना और गहरा है, तो गर्म सिकाई नसों को आराम देने में बहुत प्रभावी है। इसके साथ ही तिल के तेल को हल्का गुनगुना करके हल्के हाथों से मालिश करने से सूजन कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार, मालिश से 'वात' दोष शांत होता है, जो मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द का मुख्य कारण माना जाता है।
जीवनशैली में बदलाव है जरूरी
गर्दन और कंधे का दर्द अक्सर हमारी लापरवाही का नतीजा होता है, जिसे सही समय पर संभालना बहुत जरूरी है। रात को सोते समय सही तकिए का चुनाव करें जो गर्दन को सहारा दे सके। नियमित योग और शारीरिक सक्रियता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अगर दर्द के साथ हाथों में सुन्नपन या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत किसी फिजियोथेरेपिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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