देश के कई राज्यों में इन दिनों फिर से कोरोना का जोखिम देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले एक महीने में आंध्र प्रदेश में कोरोना के 49 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। फिलहाल अच्छी खबर ये है कि पिछले 24 घंटों में कोविड-19 का कोई नया पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।अब तक दर्ज किए गए कुल 49 मामलों में से 32 मामले अभी भी एक्टिव हैं।
Covid-19: भारत में कोरोना का कौन सा वैरिएंट एक्टिव? संक्रमितों में कौन से लक्षण देखे जा रहे
भारत में अधिकांश संक्रमित लोगों में फिलहाल हल्के या मध्यम लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। संक्रमितों में बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बहने, सिरदर्द और शरीर दर्द की दिक्कत सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
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तमिलनाडु में कोरोना के मामलों को लेकर हालिया बुलेटिन से पता चलता है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम है। अभी 8 मरीज अस्पतालों में बने खास कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। वहीं, हल्के लक्षण वाले या बिना लक्षण वाले 24 लोग होम आइसोलेशन में निगरानी में हैं।
राज्य में सोमवार को दो मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए, जिससे ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 13 हो गई है। यहां अब तक संक्रमण से चार लोगों की मौत हो चुकी है।
कितना खतरनाक है ये वायरस?
पब्लिक हेल्थ और प्रिवेंटिव मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. ए. सोमसुंदरम ने बताया, पुणे लैब में टेस्ट किए गए सभी 20 सैंपल RF.5 पाए गए हैं। यह खतरनाक वायरस नहीं है, इसलिए लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से हाथ धोने और बीमार होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की अपील की है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के RF.5 से सबसे ज्यादा जोखिम 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वालों को हो सकता है।
- फिलहाल RF.5 के कारण गंभीर बीमारी या मृत्यु दर में कोई बढ़ोतरी के प्रमाण नहीं मिले हैं।
क्या देखे जा रहे हैं लक्षण?
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना का ये वैरिएंट किसी गंभीर समस्या का कारण नहीं बन रहा है। अधिकांश संक्रमित लोगों में फिलहाल हल्के या मध्यम लक्षण ही देख जा रहे हैं।
- बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण अभी भी प्रमुख बने हुए हैं।
- हालांकि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, क्रॉनिक बीमारी के शिकार और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए अब भी खतरा हो सकता है।
- यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण हों तो उसे दूसरों से दूरी बनाकर रखना, मास्क पहनना जरूरी है।
- ये इंफ्लूएंजा का मौसम भी चल रहा है ऐसे में हर बार सर्दी-खांसी को कोरोना मानना ठीक नहीं है।
वैक्सीन अभी भी असरदार
विशेषज्ञों का मानना है कि पहले लग चुकी कोविड वैक्सीन अभी भी गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। नए वेरिएंट संक्रमण कर सकते हैं, लेकिन टीका लगवा चुके लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की नियमित सफाई, खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना आपके जोखिमों और संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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