New Research: बुढ़ापे में भी शरीर-दिमाग दोनों रहेगा फिट, बस रोज एक गोली कर सकती है बड़े कमाल
रोजाना मल्टीविटामिन लेने से दिमागी क्षमता में कमी को रोका जा सकता है, जिससे बुज़ुर्ग लोग ज्यादा समय तक आजादी से रह सकते हैं। जॉर्जिया की ऑगस्टा यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च में पाया गया है कि तीन साल तक रोजाना मल्टीविटामिन लेने से बुजुर्गों में उम्र से जुड़ी कई तरह की समस्याओं में सुधार हो सकता है।
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उम्र बढ़ने के साथ हमारा शरीर और दिमाग दोनों कमजोर होने लग जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 60 की उम्र के बाद धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-निर्णय लेने की क्षमता कम होती जाती है, अल्जाइमर-डिमेंशिया जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। लिहाजा ज्यादातर बुजुर्गों के लिए बिना सहारे के ज्यादा समय तक अपने रोजमर्रा के काम करना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिसकी मदद से इस तरह की दिक्कतों को टाला जा सके?
इस दिशा में लंबे समय से अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने अच्छी खबर दी है। शोध में पाया गया है कि रोजाना डॉक्टर की सलाह से मल्टीविटामिन की गोली लेना आपके दिमाग को लंबे समय तक तेज रखने में मददगार हो सकती है। इतना ही नहीं इससे बुजुर्गों में होनें वाली दिमागी और शारीरिक समस्याओं, दोनों के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
वर्षों से इस बात को लेकर बहस चल रही है कि मल्टीविटामिन वास्तव में शरीर के लिए कितने फायदेमंद हैं? अब अमेरिका से आई इस नई रिसर्च ने बहस को फिर से गर्म कर दिया है। तो क्या दिमागी क्षमता को ठीक रखने के लिए सभी लोगों को मल्टीविटामिन्स लेना शुरू कर देना चाहिए?
मल्टीविटामिन से सेहत में हो सकता है सुधार
16 हजार से ज्यादा बुजुर्गों पर तीन साल तक किए गए अध्ययन में ऐसे नतीजे सामने आए हैं, जिन्होंने मल्टीविटामिन्स के फायदों को लेकर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
अध्ययन के मुताबिक रोजाना मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों में केवल शारीरिक ऊर्जा ही बेहतर नहीं रही, बल्कि उनकी याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की ताकत भी दूसरों की तुलना में ज्यादा अच्छी मिली। खास बात यह रही कि जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्याएं थीं, उनमें इसका असर और अधिक सकारात्मक दिखाई दिया।
अमेरिका के जॉर्जिया स्थित ऑगस्टा यूनिवर्सिटी के अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग लगातार तीन साल तक रोजाना मल्टीविटामिन लें, तो इसके कई सारे लाभ हो सकते हैं।
- इससे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं में सुधार हो सकता है।
- बुजुर्ग लंबे समय तक अपने रोजमर्रा के काम खुद करने में सक्षम रह सकते हैं और दूसरों पर निर्भरता कम हो सकती है।
- वैज्ञानिकों ने यह भी पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से मल्टीविटामिन लेते रहे, उनमें शारीरिक स्वास्थ्य और हृदय से जुड़ी स्थिति दोनों बेहतर रहीं।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन की रिपोर्ट को अमेरिकन सोसायटी फॉर न्यूट्रिशन की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया है। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 16,000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया।
- इन लोगों को चार समूहों में बांटा गया।
- कुछ लोगों को रोजाना मल्टीविटामिन दिया गया, कुछ को कोकोआ एक्सट्रैक्ट सप्लीमेंट, कुछ को दोनों दिए गए और कुछ लोगों को इनमें से कुछ भी नहीं दिया गया।
- मल्टीविटामिन्स में विटामिन बी, जिंक, विटामिन ए, सी और ई जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद थे।
शुरुआती नतीजों के अनुसार, रोजाना मल्टीविटामिन लेने वालों में दिमाग की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया लगभग 60 प्रतिशत तक धीमी हो गई। यह लगभग 1.8 साल तक मानसिक उम्र बढ़ने की रफ्तार कम होने के बराबर है।
1. वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि दो साल तक मल्टीविटामिन लेने से शरीर की वास्तविक उम्र बढ़ने की गति भी धीमी हुई। इसका असर हर साल लगभग दो महीने कम उम्र बढ़ने के बराबर देखा गया।
2. तीन साल तक जिन लोगों ने मल्टीविटामिन लिया, उनमें कुल मानसिक सेहत, याददाश्त और एक्जीक्यूटिव फंक्शन यानी योजना बनाने, सही फैसला लेने, ध्यान केंद्रित करने और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता बेहतर पाई गई।
मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों में लाभ
वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि तीन साल बाद मल्टीविटामिन लेने वाले लोगों की मानसिक सेहत के साथ शारीरिक स्थिति भी बेहतर थी।
- प्रतिभागी कपड़े पहनने, नहाने, पैदल चलने और सीढ़ियां चढ़ने जैसे काम कहीं बेहतर तरीके से कर पा रहे थे। उनमें बार-बार थकान होने, सांस फूलने और पैरों में सूजन आने जैसी दिक्कतें भी कम हुईं।
- जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारियां थीं, उनमें भी लाभ देखा गया।
- शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर मल्टीविटामिन हृदय को स्वस्थ रखने और शरीर की कार्यक्षमता बेहतर बनाने में मदद करता है, तो इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो सकती है।
तो क्या अब सभी बुजुर्गों को मल्टीविटामिन शुरू कर देनी चाहिए?
अध्ययन के प्रमुख लेखक और प्रिवेंटिव मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. बायू बेकेले कहते हैं, इस रिसर्च की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल यह नहीं देखा गया कि लोगों को गंभीर बीमारियां हुईं या नहीं, बल्कि यह भी देखा गया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसा महसूस कर रहे थे और कितनी आसानी से सामान्य काम कर पा रहे थे?
हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि हम अभी यह सलाह नहीं दे सकते हैं कि हर बुजुर्ग को तुरंत मल्टीविटामिन लेन शुरू कर देना चाहिए। इसके लिए और विस्तार से बड़े सैंपल साइज के अध्ययन की जरूरत है।
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स्रोत:
Daily multivitamin may improve cognition in older adults
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