Health Tips: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को रोजाना आहार में फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। फलों में कई प्रकार की पोषकता होती है जो शरीर को संक्रमण के साथ अन्य रोगों से भी सुरक्षित कर सकती है। तो क्यों न ऐसे फलों का सेवन किया जाए जो इम्युनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य तरह के रोगों से भी शरीर को सुरक्षा दे सकें।
Health Tips: गर्मियों में इस फल को आहार में जरूर करिए शामिल, पाचन से लेकर गठिया तक में मिलेगा लाभ
- सभी लोगों को रोजाना आहार में फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। फलों में कई प्रकार की पोषकता होती है जो शरीर को संक्रमण के साथ अन्य रोगों से भी सुरक्षित कर सकती है।
- क्यों न ऐसे फलों का सेवन किया जाए जो इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य तरह के रोगों से भी शरीर को सुरक्षा दे सकें?
पोषक तत्वों का खजाना है ये फल
एक अध्ययन के अनुसार अनानास में कई ऐसे पोषक तत्वों की मौजूदगी होती है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के साथ बीमारियों से भी हमें सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। इसमें विटामिन सी, जिंक और मैंगनीज की भी उच्च मात्रा पाई जाती है।
लो कैलोरी वाले इस फल में डाइट्री फाइबर और ब्रोमेलैन भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। ब्रोमेलैन एक प्रकार का एंजाइम जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गठिया रोगियों के लिए लाभदायक है अनानास
अनानास का सेवन गठिया रोगियों के लिए विशेष फायदेमंद माना जाता है। अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन को एंटी इंफ्लामेटरी माना जाता है जो गठिया में सूजन और दर्द से राहत दे सकता है। 1960 के दशक में किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि ब्रोमेलैन का उपयोग गठिया के लक्षणों को कम करने में बेदह फायदेमंद हो सकता है।
कई तरह के कैंसर से मिलती है सुरक्षा
कई अध्ययनों से संकेत मिलता है कि अनानास में मौजूद यौगिक कैंसर से लड़ने में मदद कर सकते हैं। लैब परीक्षण से पता चलता है कि ब्रोमेलैन, स्तन कैंसर कोशिकाओं के विकास को प्रभावित करके इनको नष्ट करने में सहायक है। इसके अलावा अनानास का सेवन करने से त्वचा, पित्त नली, गैस्ट्रिक प्रणाली और बृहदान्त्र में कैंसर की आशंका भी कम रहती है।
पाचन में होता है सुधार
अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन नामक एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है। इससे खाना जल्दी पचता है और कब्ज जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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