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Health Tips: सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत? जानें इसका शरीर और दिमाग पर क्या प्रभाव पड़ता है
Thu, 13 Aug 2026 12:44 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:44 PM IST
सार
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
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सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत?
- फोटो : AI
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How Mobile Phone Affects You: आज के डिजिटल दौर में बहुत से लोगों की सुबह अलार्म बंद करने के साथ ही मोबाइल स्क्रीन से शुरू होती है। आंख खुलते ही कोई WhatsApp चेक करता है तो कोई Instagram, YouTube, न्यूज या ईमेल देखने लगता है। देखने में यह आदत सामान्य लग सकती है, लेकिन लगातार और जरूरत से ज्यादा स्क्रीन इस्तेमाल करने का असर सीधा आपके शरीर पर पड़ सकता है।
सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत?
- फोटो : AI
सुबह उठते ही फोन देखने से क्या होता है?
सुबह जागने के तुरंत बाद फोन उठाने की आदत का सबसे बड़ा असर आपके व्यवहार और दिन की शुरुआत पर पड़ सकता है। नोटिफिकेशन, मैसेज, सोशल मीडिया पोस्ट और न्यूज लगातार ध्यान खींचते हैं। इससे व्यक्ति अपने जरूरी काम शुरू करने से पहले ही डिजिटल कंटेंट में उलझ सकता है।
अगर फोन देखने की आदत बहुत ज्यादा हो जाए और व्यक्ति बार-बार स्क्रीन चेक करता रहे, तो ध्यान भटकने और समय का पता न चलने जैसी समस्या हो सकती है।
सुबह जागने के तुरंत बाद फोन उठाने की आदत का सबसे बड़ा असर आपके व्यवहार और दिन की शुरुआत पर पड़ सकता है। नोटिफिकेशन, मैसेज, सोशल मीडिया पोस्ट और न्यूज लगातार ध्यान खींचते हैं। इससे व्यक्ति अपने जरूरी काम शुरू करने से पहले ही डिजिटल कंटेंट में उलझ सकता है।
अगर फोन देखने की आदत बहुत ज्यादा हो जाए और व्यक्ति बार-बार स्क्रीन चेक करता रहे, तो ध्यान भटकने और समय का पता न चलने जैसी समस्या हो सकती है।
सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत?
- फोटो : AI
क्या इससे दिमाग खराब होता है?
सुबह फोन देखने से दिमाग खराब हो जाता है' कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। उपलब्ध शोध में स्मार्टफोन इस्तेमाल को सीधे तौर पर दिमाग को नुकसान पहुंचाने का सामान्य निष्कर्ष नहीं मिलता। हालांकि, अगर सुबह उठते ही व्यक्ति नकारात्मक खबरें, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन या तनाव बढ़ाने वाला कंटेंट देखने लगे, तो दिन की शुरुआत मानसिक रूप से परेशान करने वाली हो सकती है।
सुबह फोन देखने से दिमाग खराब हो जाता है' कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। उपलब्ध शोध में स्मार्टफोन इस्तेमाल को सीधे तौर पर दिमाग को नुकसान पहुंचाने का सामान्य निष्कर्ष नहीं मिलता। हालांकि, अगर सुबह उठते ही व्यक्ति नकारात्मक खबरें, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन या तनाव बढ़ाने वाला कंटेंट देखने लगे, तो दिन की शुरुआत मानसिक रूप से परेशान करने वाली हो सकती है।
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सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत?
- फोटो : AI
नींद पर पड़ सकता है असर
फोन के इस्तेमाल का नींद से मजबूत संबंध देखा गया है, खासकर रात के समय। स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी और फोन पर मिलने वाला उत्तेजक कंटेंट नींद आने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल और खराब नींद के बीच संबंध पाया गया है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति रात में देर तक मोबाइल चलाता है और सुबह उठते ही फिर फोन देखने लगता है, तो उसकी पूरी नींद और सुबह की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
फोन के इस्तेमाल का नींद से मजबूत संबंध देखा गया है, खासकर रात के समय। स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी और फोन पर मिलने वाला उत्तेजक कंटेंट नींद आने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल और खराब नींद के बीच संबंध पाया गया है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति रात में देर तक मोबाइल चलाता है और सुबह उठते ही फिर फोन देखने लगता है, तो उसकी पूरी नींद और सुबह की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
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सुबह उठते ही मोबाइल फोन चलाना सही या गलत?
- फोटो : AI
सुबह फोन की जगह क्या करें?
जागने के तुरंत बाद फोन देखने के बजाय कुछ समय खुद के लिए रखना बेहतर आदत हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
जागने के तुरंत बाद फोन देखने के बजाय कुछ समय खुद के लिए रखना बेहतर आदत हो सकती है।
- उठकर सबसे पहले पानी पिएं।
- कुछ मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करें।
- प्राकृतिक रोशनी में कुछ समय बिताएं।
- सुबह का नाश्ता और जरूरी काम पहले निपटाएं।
- गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद रखें।
- सोशल मीडिया चेक करने का एक निश्चित समय तय करें।
- रात में फोन को बिस्तर से थोड़ा दूर रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।