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Dengue Alert: डेंगू में प्लेटलेट्स का गिरना कितना खतरनाक? इन संकेतों से समझें गंभीरता
Thu, 13 Aug 2026 10:55 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:55 AM IST
सार
Dengue Warning Signs: आपने अक्सर सुना होगा कि डेंगू में प्लेटलेट्स काफी तेजी से गिरती हैं। ये स्थिति कब आती है और कितनी खतरनाक होती है, आइए जानते हैं। हम आपको प्लेटलेट्स बढ़ाने के तरीके भी यहां बताएंगे।
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डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरते हैं?
- फोटो : AI
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Dengue Warning Signs: डेंगू का नाम सुनते ही सबसे पहले प्लेटलेट्स कम होने की चिंता सताने लगती है। इस बीमारी में प्लेटलेट्स का घटना आम बात है, लेकिन हर मरीज में इसकी स्थिति एक जैसी नहीं होती। कई बार प्लेटलेट्स कम होने के बावजूद मरीज की हालत सामान्य रहती है, जबकि कुछ मामलों में दूसरे लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरते हैं?
- फोटो : Amarujala.com/AI
डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरती हैं?
डेंगू की शुरुआत में तेज बुखार आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक रह सकता है। बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के आसपास, खासकर जब बुखार कम होने लगता है, क्रिटिकल फेज शुरू हो सकता है। इसी दौरान प्लेटलेट काउंट तेजी से गिर सकता है। WHO के अनुसार, सफेद रक्त कोशिकाओं में कमी के बाद प्लेटलेट्स में तेज गिरावट देखी जा सकती है।
इसलिए डेंगू में केवल एक प्लेटलेट रिपोर्ट देखकर खतरे का अनुमान लगाना सही नहीं है। डॉक्टर प्लेटलेट्स के साथ हीमेटोक्रिट (HCT), ब्लड प्रेशर, नाड़ी, पेशाब की मात्रा, शरीर में पानी की स्थिति और मरीज के लक्षणों को भी देखते हैं। प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के साथ हीमेटोक्रिट बढ़ना प्लाज्मा लीकेज की ओर इशारा कर सकता है।
डेंगू की शुरुआत में तेज बुखार आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक रह सकता है। बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के आसपास, खासकर जब बुखार कम होने लगता है, क्रिटिकल फेज शुरू हो सकता है। इसी दौरान प्लेटलेट काउंट तेजी से गिर सकता है। WHO के अनुसार, सफेद रक्त कोशिकाओं में कमी के बाद प्लेटलेट्स में तेज गिरावट देखी जा सकती है।
इसलिए डेंगू में केवल एक प्लेटलेट रिपोर्ट देखकर खतरे का अनुमान लगाना सही नहीं है। डॉक्टर प्लेटलेट्स के साथ हीमेटोक्रिट (HCT), ब्लड प्रेशर, नाड़ी, पेशाब की मात्रा, शरीर में पानी की स्थिति और मरीज के लक्षणों को भी देखते हैं। प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के साथ हीमेटोक्रिट बढ़ना प्लाज्मा लीकेज की ओर इशारा कर सकता है।
डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरते हैं?
- फोटो : Adobe Stock
प्लेटलेट्स कितनी कम होना चिंता की बात है?
अगर प्लेटलेट्स लगातार तेजी से गिर रही हों या साथ में ब्लीडिंग, लो ब्लड प्रेशर, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
अगर प्लेटलेट्स लगातार तेजी से गिर रही हों या साथ में ब्लीडिंग, लो ब्लड प्रेशर, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
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डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरते हैं?
- फोटो : AI
ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं
डेंगू के दौरान निम्नलिखित लक्षण गंभीर बीमारी के चेतावनी संकेत हो सकते हैं:
इनमें से कोई गंभीर लक्षण दिखाई दे तो घर पर केवल प्लेटलेट्स की रिपोर्ट देखकर इंतजार नहीं करना चाहिए। WHO ऐसी चेतावनी में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देता है।
डेंगू के दौरान निम्नलिखित लक्षण गंभीर बीमारी के चेतावनी संकेत हो सकते हैं:
- तेज या लगातार पेट दर्द
- बार-बार या लगातार उल्टी
- मसूड़ों या नाक से खून आना
- उल्टी या मल में खून
- सांस तेजी से चलना या सांस लेने में परेशानी
- बहुत ज्यादा कमजोरी, सुस्ती या बेचैनी
- अत्यधिक प्यास लगना
- त्वचा का पीला, ठंडा या चिपचिपा पड़ना
- शरीर में पानी जमा होने के संकेत
इनमें से कोई गंभीर लक्षण दिखाई दे तो घर पर केवल प्लेटलेट्स की रिपोर्ट देखकर इंतजार नहीं करना चाहिए। WHO ऐसी चेतावनी में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देता है।
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डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरते हैं?
- फोटो : Freepik.com
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या करें?
डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ और आराम देना महत्वपूर्ण है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी, ORS और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं।
पपीते के पत्ते या दूसरे घरेलू नुस्खों को प्लेटलेट्स बढ़ाने का प्रमाणित इलाज मानकर डॉक्टर की निगरानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन भी हर ऐसे मरीज को सिर्फ कम प्लेटलेट काउंट के आधार पर नहीं दिया जाता; इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की पूरी स्थिति और ब्लीडिंग के जोखिम को देखकर करते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए मरीज को डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ और आराम देना महत्वपूर्ण है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी, ORS और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं।
पपीते के पत्ते या दूसरे घरेलू नुस्खों को प्लेटलेट्स बढ़ाने का प्रमाणित इलाज मानकर डॉक्टर की निगरानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन भी हर ऐसे मरीज को सिर्फ कम प्लेटलेट काउंट के आधार पर नहीं दिया जाता; इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की पूरी स्थिति और ब्लीडिंग के जोखिम को देखकर करते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।