यहां आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे इन दोनो बीमारियों के बारे में। क्योंकि अगर इन बीमारियों को शुरुआती दौर में पहचान लिया जाए तो सही इलाज से हालत खराब होने से बचाया जा सकता है।
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Swine Flu and Dengue: डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है? जानिए लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
Wed, 12 Aug 2026 04:03 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 12 Aug 2026 04:03 PM IST
सार
Difference Between Swine flu and Dengue: हाल ही में दिल्ली में डेंगू और स्वाइन फ्लू के कई मामले सामने आए हैं। इन दोनों में क्या फर्क है और इनके लक्षण क्या हैं, आइए इस लेख में डिटेल में जानते हैं।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है?
- फोटो : AI
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यहां आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे इन दोनो बीमारियों के बारे में। क्योंकि अगर इन बीमारियों को शुरुआती दौर में पहचान लिया जाए तो सही इलाज से हालत खराब होने से बचाया जा सकता है।
डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है?
- फोटो : Freepik.com
डेंगू और स्वाइन फ्लू में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
सबसे पहला अंतर इनके फैलने के तरीके का है। डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। वहीं H1N1 (स्वाइन) फ्लू से होने वाला फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए आसानी से फैल सकता है। इसलिए डेंगू से बचाव में मच्छरों से सुरक्षा अहम है, जबकि फ्लू से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी, हाथों की सफाई और जरूरत के अनुसार फ्लू वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण उपाय हैं।
सबसे पहला अंतर इनके फैलने के तरीके का है। डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। वहीं H1N1 (स्वाइन) फ्लू से होने वाला फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए आसानी से फैल सकता है। इसलिए डेंगू से बचाव में मच्छरों से सुरक्षा अहम है, जबकि फ्लू से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी, हाथों की सफाई और जरूरत के अनुसार फ्लू वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण उपाय हैं।
डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है?
- फोटो : AI
डेंगू के क्या हैं लक्षण
WHO के अनुसार डेंगू में आमतौर पर तेज बुखार के साथ इनमें से कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4 से 10 दिन बाद शुरू हो सकते हैं और बीमारी 2 से 7 दिन तक रह सकती है।
डेंगू में इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर तेज बुखार के बाद पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून, तेजी से सांस लेना, अत्यधिक कमजोरी, खून वाली उल्टी या मल जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ये गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
WHO के अनुसार डेंगू में आमतौर पर तेज बुखार के साथ इनमें से कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- तेज सिरदर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- मितली या उल्टी
- त्वचा पर रैश
- कमजोरी और थकान
- कुछ मामलों में ग्रंथियों में सूजन
डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4 से 10 दिन बाद शुरू हो सकते हैं और बीमारी 2 से 7 दिन तक रह सकती है।
डेंगू में इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर तेज बुखार के बाद पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून, तेजी से सांस लेना, अत्यधिक कमजोरी, खून वाली उल्टी या मल जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। ये गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है?
- फोटो : Amarujala.com/AI
H1N1 (स्वाइन) फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू शब्द का इस्तेमाल स्वाइन इन्फ्लुएंजा वायरस के लिए किया जाता है। इंसानों में इसके लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। इनमें मुख्य रूप से:
कुछ मामलों में उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं। गंभीर संक्रमण में निमोनिया और सांस से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है।
स्वाइन फ्लू शब्द का इस्तेमाल स्वाइन इन्फ्लुएंजा वायरस के लिए किया जाता है। इंसानों में इसके लक्षण कई बार सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। इनमें मुख्य रूप से:
- अचानक बुखार
- सूखी खांसी
- गले में खराश
- सिरदर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- ठंड लगना
- अत्यधिक थकान
- नाक बहना
कुछ मामलों में उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं। गंभीर संक्रमण में निमोनिया और सांस से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू में क्या अंतर है?
- फोटो : Freepik.com
टेस्ट है सबसे अहम
हमेशा याद रखें कि इन दोनों दिक्कतों का इलाज डॉक्टर की जांच और जरूरत के अनुसार टेस्ट से ही किया जाना चाहिए। WHO के अनुसार डेंगू की पुष्टि के लिए रक्त जांच की जरूरत पड़ सकती है, जबकि फ्लू का निदान परिस्थितियों के अनुसार क्लिनिकल मूल्यांकन या टेस्ट से किया जा सकता है।
हमेशा याद रखें कि इन दोनों दिक्कतों का इलाज डॉक्टर की जांच और जरूरत के अनुसार टेस्ट से ही किया जाना चाहिए। WHO के अनुसार डेंगू की पुष्टि के लिए रक्त जांच की जरूरत पड़ सकती है, जबकि फ्लू का निदान परिस्थितियों के अनुसार क्लिनिकल मूल्यांकन या टेस्ट से किया जा सकता है।