कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्य के शीर्ष कारणों में से एक है। हर साल कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। पुरुषों में मुंह और लंग्स कैंसर के साथ प्रोस्टेट कैंसर का खतरा भी बढ़ता देखा जा रहा है। हालिया अध्ययनों की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि भारत में 50 साल से कम उम्र के पुरुषों में भी प्रोस्टेट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।
अच्छी खबर: घर पर ही इस आसान टेस्ट से जान सकेंगे आपको प्रोस्टेट कैंसर तो नहीं? कम होगा मृत्यु का खतरा
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प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए स्लाइवा टेस्ट
चूंकि युवाओं में भी प्रोस्टेट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए उच्च जोखिम वाले रोगियों की समय पर पहचान जरूरी है। विशेषज्ञों की टीम ने इसके लिए एक नई खोज की है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही किट के माध्यम से घर पर ही स्लाइवा (लार) का परीक्षण करके प्रोस्टेट कैंसर का परीक्षण किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये अब तक ब्लड टेस्ट के माध्यम से कुछ खास मार्कर्स का पता लगाया जाता रहा है जो प्रोस्टट कैंसर के निदान में मदद कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस स्लाइवा टेस्ट के परिणाम अधिक सटीक हो सकते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कैंसर रिसर्च यूके में विशेषज्ञ नासर तुराबी कहते हैं, फिलहाल एग्रेसिव प्रकार के प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए कोई सटीक और पुख्ता तरीका नहीं है। यह अध्ययन हमें उन लोगों में बीमारी का जल्द पता लगाने में मदद कर सकता है जिनमें इसका खतरा अधिक होता है। ये प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े कई आनुवंशिक परिवर्तनों का पता लगाने में भी मददगार हैं।
इस टेस्ट की प्रमाणिकता को जानने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। ट्रायल के परिणाम अगर बेहतर रहे तो ये आने वाले वर्षों में आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगा।
भारतीय पुरुषों में बढ़ रहा है इसका खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में करीब 37,948 भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान की गई। यह इस वर्ष देश में दर्ज किए गए कैंसर के 14 लाख नए मामलों का लगभग तीन प्रतिशत है। अमेरिका में प्रोस्टेट कैंसर के 80 प्रतिशत रोगियों में बीमारी का पता शीघ्र चल जाता है जबकि यहां देर से निदान के मामले 20 प्रतिशत ही हैं। भारत में इस दिशा में विशेष सुधार की जरूरत है।
दिल्ली स्थित एक अस्पताल में ‘मेडिकल ऑन्कोलॉजी’ विभाग के प्रमुख डॉ. आशीष गुप्ता ने भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर कहा, प्रारंभिक अवस्था में पता लगने से कैंसर रोगियों के जीवित रहने की दर में वृद्धि हो सकती है। भारत में सबसे बड़ी समस्या है इसका देर से पता लगना।
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स्रोत और संदर्भ
An at-home spit test could help diagnose prostate cancer
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