देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों तापमान 40 से पार देखा जा रहा है। गर्मियों का ये मौसम हीटस्ट्रोक से लेकर कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है। गर्मियां आते ही तेज धूप, टैनिंग की समस्या बढ़ जाती है जिससे बचने के लिए लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं।
Sunscreen Health Effects: धूप से बचाती है सनस्क्रीन, क्या इसे लगाने से कम हो जाता है विटामिन-डी बनना?
सनस्क्रीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह त्वचा को सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है, ऐसे में चिंता पैदा होती है कि कहीं यह प्रक्रिया विटामिन डी के निर्माण को बाधित तो नहीं कर रही? कहीं सनस्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल हड्डियों को कमजोर न कर दे?
विटामिन-डी अच्छी सेहत के लिए जरूरी
यहां गौरतलब है कि विटामिन-डी शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने, कैल्शियम के अवशोषण और इम्यून सिस्टम को बेहतर रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह विटामिन मुख्य रूप से सूर्य की किरणों के संपर्क में आने से त्वचा प्राकृतिक रूप से बनता है। ऐसे में क्या सनस्क्रीन विटामिन-डी के निर्माण को बाधित तो नहीं कर देती?
कई अध्ययनों से पता चता है कि अच्छी क्वालिटी वाले सनस्क्रीन यूवी किरणों को 95% से अधिक तक रोक सकता है।
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सनस्क्रीन लगाने से कम होता है विटामिन-डी?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि सनस्क्रीन लगाने से शरीर में विटामिन-डी की कमी की आशंका कम होती है।
- सनस्क्रीन त्वचा में विटामिन-डी बनाने की क्षमता को कम जरूर कर देता है।
- हालांकि आमतौर पर हम लोग सनस्क्रीन इतना गाढ़ा या इतनी बार नहीं लगाते कि यह विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को पूरी तरह से रोक सके।
- थोड़ी-बहुत धूप भी आमतौर पर विटामिन-डी का सही स्तर बनाए रखने के लिए काफी होती है।
इन बातों का भी जानिए
अध्ययनों से पता चलता है कि आमतौर पर, रोजाना सनस्क्रीन लगाने के बाद भी इतनी किरणें त्वचा तक पहुंच जाती हैं जिनसे विटामिन डी बन सके। चूंकि शरीर को सूर्य के किरणों की बहुत कम मात्रा की ही जरूरत होती है, इसलिए इससे विटामिन-डी की ज्यादा कमी का खतरा नहीं होता है।
- सूर्य की रोशनी के अलावा आप ये विटामिन फैटी फिश, दूध और सप्लीमेंट्स से भी प्राप्त कर सकते हैं, इसलिए ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।
- विटामिन-डी की कमी का खतरा आमतौर पर उन लोगों में ज्यादा होता है जो लोग धूप से बचने के लिए बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हैं।
- हमेशा पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना, ज्यादा एसपीएफ वाली सनस्क्रीन लगाना, धूप में बिल्कुल न निकलना और डाइट में इस विटामिन वाली चीजों की कमी आपमें खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
गर्मियों में सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर लोगों के लिए धूप में रहने से त्वचा को होने वाले नुकसान का खतरा, विटामिन-डी की कमी के खतरे से कहीं ज्यादा होता है। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह के समय 10-15 मिनट भी धूप के संपर्क में रहना विटामिन डी बनाने के लिए काफी होता है।
- गर्मियों में सनस्क्रीन लगाने के कई बड़े फायदे हैं। यह त्वचा को सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है, जिससे एजिंग और स्किन कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
- सनस्क्रीन त्वचा के कोलेजन को नुकसान से बचाता है, जिससे स्किन लंबे समय तक युवा दिखती है।
- भारत जैसे देशों में, जहां यूवी इंडेक्स अक्सर ज्यादा रहता है, वहां सनस्क्रीन का इस्तेमाल और भी जरूरी हो जाता है।
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स्रोत:
The effect of sunscreen on vitamin D: a review
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