दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों में फेफड़े की बीमारियों का निदान किया जाता है। चाहे आपको ब्रोंकाइटिस जैसी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) हो या फिर अस्थमा या मेसोथेलियोमा डायग्नोसिस के कारण फेफड़ों में दर्द की समस्या, ये सभी स्थितियां गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं। फेफड़ों की बीमारी के कारण जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, ऐसे में सभी उम्र के लोगों को इन समस्याओं को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहनी चाहिए।
Health Tips: फेफड़ों की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं ये चीजें, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं इनका अधिक सेवन?
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अधिक नमक वाली चीजों से नुकसान
अधिक सोडियम वाली चीजों का सेवन फेफड़ों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सोडियम के कारण फ्ल्यूड रेंटेशन का खतरा होता है, जिससे फेफड़ों की बीमारी वाले मरीजों में सांस की तकलीफ हो सकती है। अधिक मात्रा में नमक वाली चीजों का सेवन करना फेफड़ों की समस्या को बढ़ा देती है। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए रोजाना 2300 मिलीग्राम से अधिक मात्रा में सोडियम के सेवन से बचें।
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ नुकसानदायक
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को हृदय रोगों से लेकर डायबिटीज जैसी समस्याओं के जोखिम कारक के तौर पर जाना जाता है, इसके कारण फेफड़ों की समस्याएं भी हो सकती हैं। विशेषतौर पर प्रोसेस्ड मीट में नाइट्रेट होता हैं जो इन उत्पादों में रंग और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नाइट्रेट्स को सीओपीडी से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने वाले मामलों के प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है।
तले हुए खाद्य पदार्थ
तले हुए खाद्य पदार्थ न सिर्फ हृदय के लिए नुकसानदायक होते हैं साथ ही इसके कारण फेफड़ों की समस्या भी बढ़ जाती है। इनमें अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है जो डायाफ्राम पर दबाव डालकर सूजन और असहजता पैदा कर सकती है। फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों में ये चीजें लक्षणों को और भी खराब कर सकती हैं। तली हुई चीजें श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देती हैं।
व्हाइट ब्रेड के नुकसान
व्हाइट ब्रेड को सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, व्हाइट ब्रेड जैसे साधारण कार्बोहाइड्रेट से बचना चाहिए, क्योंकि फेफड़ों को उन्हें मेटाबोलाइज करने में अधिक मेहनत लगता है। व्हाइट ब्रेड के कारण ब्लड शुगर के लेवल के बढ़ने का भी खतरा रहता है इसलिए आहार विशेषज्ञ इस तरह की चीजों के सेवन से परहेज करने की सलाह देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।