जब भी शरीर में कहीं स्टोन या पथरी के बारे में बात होती है, तो दिमाग में सबसे पहले किडनी और गॉलब्लैडर का ख्याल आता है। ये दो अंग स्टोन की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित रहते हैं। किडनी हो या फिर गॉलब्लैडर स्टोन, इसके कारण पेट में तेज दर्द, कई बार उल्टी-मितली जैसी दिक्कतें होती रहती हैं। गंभीर स्थितियों में सर्जरी तक कराने की नौबत आ जाती है।
Tonsil Stones: सिर्फ किडनी-गॉलब्लैडर ही नहीं, आपके गले में भी हो सकती है पथरी; जानिए कैसे करें इसकी पहचान
बहुत से लोग टॉन्सिल स्टोन से परेशान होते हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि उनकी परेशानी की असली वजह क्या है। टॉन्सिल स्टोन के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आखिर यह क्यों बनते हैं, इनके शुरुआती संकेत क्या होते हैं, कौन लोग ज्यादा जोखिम में रहते हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
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टॉन्सिल स्टोन की समस्या को जानिए
टॉन्सिल हमारे गले का एक हिस्सा है, जो पीछे की ओर होता है। इसे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ये शरीर में प्रवेश करने वाले कीटाणुओं को रोकने का काम करते हैं।
- टॉन्सिल की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे गड्ढों और दरारों में जब गंदगी जमा होने लगती है, तो समय के साथ वह कठोर होकर सफेद या पीले रंग के छोटे पत्थरों जैसी संरचना में बदल सकती है। इन्हें टॉन्सिल स्टोन या टॉन्सिलोलिथ्स कहा जाता है।
- टॉन्सिल स्टोन वैसे तो खतरनाक नहीं होते, लेकिन इसके कारण अक्सर मुंह से बदबू आने, भोजन को निगलने में परेशानी, गले में चुभन या बार-बार संक्रमण जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
क्यों होती है ये दिक्कत?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में ईएनटी विभाग के डॉक्टर प्रभाकर मिश्रा बताते हैं, टॉन्सिल की सतह पर प्राकृतिक रूप से छोटे-छोटे गड्ढे या क्रिप्ट्स होते हैं। जब इन क्रिप्ट्स में भोजन के सूक्ष्म कण, मृत कोशिकाएं, म्यूकस और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, तो धीरे-धीरे ये सख्त होकर स्टोन का रूप ले सकते हैं।
- टॉन्सिल में स्टोन बनने की सबसे बड़ी वजह इसकी संरचना है, जिन लोगों के टॉन्सिल में गहरे गड्ढे होते हैं, उनमें भोजन और अन्य कणों के फंसने की आशंका ज्यादा रहती है।
- जब ये पदार्थ लंबे समय तक वहां जमा रहते हैं, तो उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और धीरे-धीरे वे कठोर होकर स्टोन का रूप ले लेते हैं।
- बार-बार टॉन्सिल संक्रमण (टॉन्सिलाइटिस) होने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
- इसके अलावा अगर आपका ओरल हाइजीन भी ठीक नहीं है तो भी इस समस्या के बार-बार शिकार होते रह सकते हैं।
कैसे जानें कहीं आपको भी तो नहीं है ये दिक्कत?
डॉक्टर कहते हैं, मुंह से बदबू आने का एक बड़ा कारण टॉन्सिल स्टोन हो सकता है। ये स्टोन आपको गले के पिछले हिस्से में सफेद या पीले रंग के चिपके हुए दिखाई दे सकते हैं।
- स्टोन के अंदर मौजूद बैक्टीरिया सल्फर युक्त यौगिक बनाते हैं, जिनसे बदबू पैदा होती है।
- गले में कुछ फंसा होने का एहसास, निगलते समय दर्द या असहजता, गले में चुभन और बार-बार खांसी भी हो सकती है।
- गले और कान की नसें आपस में जुड़ी होती हैं, ऐसे में संक्रमण के कारण कुछ लोगों को कान में दर्द जैसा महसूस हो सकता है।
टॉन्सिल स्टोन से बचाव कैसे करें?
टॉन्सिल स्टोन से बचाव के लिए मुंह की अच्छे से साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी माना जाता है।
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश, जीभ की सफाई करना आपके लिए जरूरी है।
- गुनगुने पानी से गरारे करने करने से टॉन्सिल की सतह साफ रहती है और फंसे हुए कण बाहर निकल सकते हैं।
- खूब पानी पीना भी जरूरी है। मुंह का सूखापन बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।
- धूम्रपान, मीठे पेय पदार्थों का सीमित कम करने से संक्रमण और स्टोन का खतरा कम किया जा सकता है।
- जिन लोगों को बार-बार टॉन्सिलाइटिस होता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए क्योंकि बार-बार संक्रमण टॉन्सिल स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।