अच्छी सेहत की बात आते ही आपने भी सबसे पहले खान-पान में सुधार की सलाह सुनी होगी। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हम जिस तरह की चीजें खाते-पीते हैं उसका सेहत पर सीधा असर होता है। कई अध्ययनों में प्लांट बेस्ड डाइट यानी पौधों से प्राप्त चीजें खाने को बहुत लाभकारी बताया गया है। लिहाजा दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों के बीच वीगन डाइट की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है।
Vegan Diet: क्या वीगन डाइट वास्तव में सेहत के लिए लाभकारी है? ये रिपोर्ट बदल देगी आपकी सोच
वीगन डाइट से वजन, बॉडी मास इंडेक्स और कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों में सुधार देखा गया है। खासकर टाइप-2 डायबिटीज और अधिक वजन वाले लोगों में किए गए कुछ अध्ययनों ने इसके फायदे दिखाए हैं। पर इससे कुछ गंभीर खतरे भी हो सकते हैं जिसके बारे में अक्सर लोगों को जानकारी नहीं होती है।
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वीगन डाइट से विटामिन-बी12 की कमी का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वीगन डाइट वैसे तो सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। संतुलित तरीके से इसे अपनाना आपको कई बीमारियों से बचाए रखने में मददगार हो सकता है। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस डाइट का पालन करने वाले लोगों में विटामिन बी12 की कमी होने का खतरा हो सकता है।
विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने, तंत्रिका तंत्र और डीएनए के निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। शरीर इसे खुद नहीं बनाता है, इसलिए इसे भोजन या सप्लीमेंट्स से लेना पड़ता है। वयस्कों को रोजाना लगभग 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की जरूरत होती है।
- वीगन डाइट में चूंकि सिर्फ प्लांट बेस्ड चीजें शामिल होती हैं, वहीं विटामिन बी12 का मुख्य स्रोत पशु आधारित चीजों को माना जाता है ऐसे में इस विटामिन की कमी का खतरा हो सकता है।
- विटामिन बी12 के अलावा ऐसे लोगों में समय के साथ आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन डी और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में न मिलने का खतरा हो सकता है।
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पहले वीगन डाइट के बारे में जान लीजिए
वीगन डाइट पूरी तरह पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों पर आधारित डाइट है। इसमें मांस, मछली और समुद्री भोजन के साथ-साथ दूध, दही, पनीर, मक्खन और अंडे जैसे पशु-आधारित खाद्य पदार्थ भी नहीं खाए जाते। हालांकि वीगन डाइट का मतलब केवल फल और सलाद खाना नहीं है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के लिए साबुत अनाज, प्रोटीन के लिए दालें, बीन्स, सोया और अन्य पौधों से मिलने वाले स्रोत तथा स्वस्थ वसा के लिए नट्स और सीड्स शामिल किए जा सकते हैं।
- मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वीगन डाइट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें शामिल फल, सब्जियों, साबुत अनाज, दालों आदि से शरीर को फाइबर और कई जरूरी पोषक प्राप्त हो सकते हैं।
- कुछ अध्ययनों में वीगन डाइट का वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर सकारात्मक असर देखा गया है।
- टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में कम से कम 12 सप्ताह की वीगन डाइट से शरीर के वजन, बीएमआई, HbA1c और कोलेस्ट्रॉल में कमी देखी गई।
अमर उजाला में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में हमने बताया था कि वीगन डाइट अपनाना वेट लॉस के लिए काफी मददगार हो सकता है। अध्ययन में पाया गया है कि वीगन डाइट सिर्फ चार महीने में करीब 6 किलो वजन घटाने में मदद कर सकती है।
विटामिन बी12 की कमी का खतरा
वीगन डाइट को लेकर सबसे बड़ी चिंता विटामिन बी12 की कमी को लेकर है।
- बी12 प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से मांस, मछली, दूध, डेयरी उत्पाद और अंडों जैसे पशु-आधारित खाद्य पदार्थों से मिलता है। फल, सब्जियों और अनाज में प्राकृतिक बी12 बहुत कम होता है।
- इसलिए जो लोग पूरी तरह वीगन डाइट लेते हैं, उन्हें बी12 के लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
इंग्लैंड स्थित एडेनब्रुक्स हॉस्पिटल में कंसल्टेंट ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. जूलियन ओवेन कहते हैं विटामिन बी12 शरीर के लिए बेहद जरूरी विटामिन है और वीगन डाइट में इसकी प्राकृतिक उपलब्धता लगभग न के बराबर होती है। अगर कोई व्यक्ति सप्लीमेंट नहीं लेता है तो लंबे समय तक वीगन डाइट लेने के बाद बी12 की कमी हो सकती है। इससे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है। इनमें चिंता, डिप्रेशन और गंभीर मामलों में साइकोसिस जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
वीगन डाइट के इन खतरों को भी जानिए
वीगन डाइट की सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि कुछ जरूरी पोषक तत्वों की पू्र्ति के लिए आपको अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। सही प्लानिंग न होने पर वीगन डाइट में विटामिन बी12 के अलावा आयरन, कैल्शियम, आयोडीन और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
- पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में मांस से मिलने वाले आयरन की तुलना में आसानी से अवशोषित नहीं होता है।
- कैल्शियम की कमी से बचने के लिए फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क, टोफू, कुछ हरी सब्जियां, तिल और दालों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अलसी, चिया सीड्स, अखरोट और कुछ वनस्पति तेल विकल्प हो सकते हैं।
बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं या किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए ये डाइट मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं, ऐसा नहीं है कि आपको वीगन डाइट नहीं चुनना चाहिए, बस अपनी सेहत के अनुसार इसे अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
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स्रोत:
Vegan diet puts people at risk of vitamin B12 and other deficiencies
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