फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Digital Stress: डिजिटल स्ट्रेस के बड़े कारण, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां?

Thu, 23 Jul 2026 03:15 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Thu, 23 Jul 2026 03:15 PM IST
सार

Digital Stress Causes: ज्यादातर लोगों को ये समझ ही नहीं आता कि आखिर ये है क्या। यहां इस लेख में हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे।

विज्ञापन
what causes digital stress know the answer here in hindi digital stress kya hai
डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय - फोटो : AI
Digital Stress Causes: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन, लैपटॉप और इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। काम, पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत से लेकर ज्यादातर काम अब स्क्रीन के जरिए पूरे किए जाते हैं। हालांकि, टेक्नोलॉजी ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। इसी समस्या को डिजिटल स्ट्रेस कहा जाता है। 


डिजिटल स्ट्रेस उस मानसिक दबाव को कहते हैं, जो लगातार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया, ऑनलाइन काम, ज्यादा स्क्रीन टाइम और डिजिटल दुनिया से जुड़े रहने की मजबूरी के कारण पैदा हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि डिजिटल स्ट्रेस के कारण क्या हैं, इसके लक्षण कैसे पहचाने जा सकते हैं और इससे बचने के लिए कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं।
 
what causes digital stress know the answer here in hindi digital stress kya hai
डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय - फोटो : Freepik.com
पहले जानें इसकी वजह

1. लंबे समय तक स्क्रीन देखना

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। लेकिन कई घंटों तक लगातार स्क्रीन देखने से दिमाग को लगातार नई-नई जानकारियां प्रोसेस करनी पड़ती हैं। इससे मानसिक थकान बढ़ सकती है और व्यक्ति तनाव महसूस कर सकता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सिरदर्द, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी हो सकती है। खासतौर पर रात में ज्यादा स्क्रीन इस्तेमाल करने से नींद का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।

2. लगातार नोटिफिकेशन आना

मोबाइल पर आने वाले लगातार मैसेज, ईमेल, सोशल मीडिया अलर्ट और ऐप नोटिफिकेशन दिमाग को बार-बार सक्रिय करते हैं। कई लोगों को हर नोटिफिकेशन का तुरंत जवाब देने का दबाव महसूस होता है। यह आदत धीरे-धीरे तनाव और बेचैनी बढ़ा सकती है। बार-बार फोन चेक करने की आदत से काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो सकता है और दिमाग को पूरी तरह आराम नहीं मिल पाता।

 
what causes digital stress know the answer here in hindi digital stress kya hai
डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय - फोटो : AI
3. सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल

सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का अच्छा माध्यम है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। कई लोग सोशल मीडिया पर दूसरों की उपलब्धियों, लाइफस्टाइल और तस्वीरों को देखकर अपनी जिंदगी से तुलना करने लगते हैं। इससे असंतोष, चिंता और आत्मविश्वास में कमी जैसी भावनाएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा लाइक, कमेंट और फॉलोअर्स की चिंता भी तनाव का कारण बन सकती है।

4. ऑनलाइन काम का दबाव 

वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल काम बढ़ने के बाद कई लोगों के लिए ऑफिस और निजी जीवन के बीच अंतर कम हो गया है। ईमेल, वीडियो मीटिंग और मैसेज के कारण लोग काम खत्म होने के बाद भी खुद को ऑनलाइन उपलब्ध रखने का दबाव महसूस करते हैं। लगातार काम से जुड़े रहने की यह आदत मानसिक थकान और तनाव को बढ़ा सकती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
what causes digital stress know the answer here in hindi digital stress kya hai
डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय - फोटो : फ्री पिक

डिजिटल स्ट्रेस के लक्षण
  •  हर समय मोबाइल चेक करने की इच्छा
  •  चिड़चिड़ापन और बेचैनी
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
  • नींद खराब होना
  •  मानसिक थकान
  •  काम में मन न लगना
  • सोशल मीडिया से दूर रहने पर बेचैनी
विज्ञापन
what causes digital stress know the answer here in hindi digital stress kya hai
डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय - फोटो : Adobe Stock

डिजिटल स्ट्रेस से बचने के उपाय
  • मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल के लिए समय तय करें।
  • दिन में कुछ समय बिना किसी डिजिटल डिवाइस के बिताएं।
  • जरूरी न होने वाले ऐप्स के नोटिफिकेशन ऑफ रखें।
  • सोने से कम से कम 30-60 मिनट पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें।
  • योग, एक्सरसाइज, किताब पढ़ना और परिवार के साथ समय बिताना तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

-----------------------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed