क्या आपने भी ध्यान दिया है कि पिछले एक-दो दशकों में प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा काफी तेजी से बढ़ा है? पहले की तुलना में अब इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) की मांग तेजी से बढ़ गई है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाजेशन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 6 में से 1 कपल को बांझपन की दिक्कत हो सकती है। विश्व भर में बांझपन से पीड़ित 6-8 करोड़ कपल्स में से 15-20 मिलियन यानी करीब दो करोड़ (25%) भारत से हैं।
Health Alert: डॉक्टर ने बताए पुरुषों में बढ़ती प्रजनन समस्याओं के चार चौंकाने वाले कारण, आप भी जान लीजिए
अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान करने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो सकता है, स्पर्म की गतिशीलता प्रभावित हो सकती है और डीएनए क्षति का जोखिम बढ़ सकता है। इसके कई और कारण भी हो सकते हैं, जिसके बारे में जानना जरूरी है।
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क्यों बढ़ गई हैं प्रजनन की समस्याएं?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि प्रजनन क्षमता में कमी या इंफर्टिलिटी के मामले सिर्फ उम्र बढ़ने से जुड़े नहीं होते। खराब जीवनशैली, तनाव, मोटापा, खानपान में गड़बड़ी और प्रदूषण ने भी जोखिमों को बढ़ा दिया है।
अमर उजाला से एक बातचीत में आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ गार्गी चौहान बताती हैं जब जीवनशैली बिगड़ती है तो उसका असर सिर्फ दिल, दिमाग या वजन पर नहीं बल्कि प्रजनन क्षमता पर भी दिखाई देता है। अच्छी बात यह है कि समय रहते कुछ आदतों में बदलाव कर जोखिम को कम किया जा सकता है।
आइए पुरुषों में इस समस्या को बढ़ाने वाले कारणों को जान लेते हैं।
मोटापा बड़ा खतरा
डॉ गार्गी कहती हैं, मोटापा सिर्फ शरीर के बनावट की समस्या नहीं है, यह हार्मोनल संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि अधिक वजन वाले पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है। टेस्टोस्टेरोन पुरुष प्रजनन क्षमता और स्पर्म उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हार्मोन माना जाता है।
- शोध में मोटापे को लो स्पर्म काउंट, स्पर्म की गतिशीलता में कमी और प्रजनन संबंधी कठिनाइयों का बड़ा कारण पाया गया है।
ज्यादा तनाव है खतरनाक
तनाव की समस्या हर उम्र के व्यक्ति में देखी जा रही है। हालांकि अगर आपको अक्सर तनाव रहता है तो इसका प्रजनन स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
- तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।
- अध्ययनों में हाई कोर्टिसोल को टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को प्रभावित करने वाला पाया गया है।
- तनाव नींद की गुणवत्ता भी खराब कर देता है, इसका भी पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
स्मोकिंग और शराब की आदत
धूम्रपान पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले जोखिम कारकों में से एक माना जाता है।
- सिगरेट के धुएं में हजारों रसायन मौजूद होते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान करने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो सकता है और स्पर्म की गतिशीलता प्रभावित हो सकती है।