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Excessive Thirst: बार-बार प्यास लगने को न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है इशारा
Mon, 17 Aug 2026 03:02 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 17 Aug 2026 03:02 PM IST
सार
Why Do I Feel Thirsty Again And Again: अगर आप उन लोगों में से हैं, जिन्हें खूब पानी पीने के बावजूद बार-बार प्यास लगती है तो ये खबर अवश्य पढ़ें। क्योंकि बार-बार प्यास लगना कई मामलों में साधारण नहीं है।
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लगातार प्यास लगने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये बीमारियां
- फोटो : AI
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Why Do I Feel Thirsty Again And Again: गर्मी, ज्यादा पसीना आने या अधिक नमकीन खाना खाने के बाद प्यास लगना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार तेज प्यास लगती है और पानी पीने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार ज्यादा प्यास लगना शरीर में कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
लगातार प्यास लगने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये बीमारियां
- फोटो : AI
बार-बार प्यास लगने के कारण
1. डिहाइड्रेशन
शरीर में पानी की कमी होने पर प्यास बढ़ना सबसे सामान्य कारणों में से एक है। गर्म मौसम, ज्यादा व्यायाम, अधिक पसीना, उल्टी या दस्त के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्यास के साथ कमजोरी, चक्कर या मुंह सूखने की समस्या भी हो सकती है।
2. डायबिटीज
बार-बार प्यास लगना डायबिटीज के सामान्य लक्षणों में शामिल हो सकता है। जब ब्लड शुगर बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इससे पेशाब ज्यादा आ सकता है और शरीर में पानी की कमी होने पर प्यास बढ़ सकती है। अगर प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना, थकान या बिना कोशिश के वजन कम होना भी हो, तो डॉक्टर से जांच की सलाह लेना जरूरी है।
1. डिहाइड्रेशन
शरीर में पानी की कमी होने पर प्यास बढ़ना सबसे सामान्य कारणों में से एक है। गर्म मौसम, ज्यादा व्यायाम, अधिक पसीना, उल्टी या दस्त के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्यास के साथ कमजोरी, चक्कर या मुंह सूखने की समस्या भी हो सकती है।
2. डायबिटीज
बार-बार प्यास लगना डायबिटीज के सामान्य लक्षणों में शामिल हो सकता है। जब ब्लड शुगर बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इससे पेशाब ज्यादा आ सकता है और शरीर में पानी की कमी होने पर प्यास बढ़ सकती है। अगर प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना, थकान या बिना कोशिश के वजन कम होना भी हो, तो डॉक्टर से जांच की सलाह लेना जरूरी है।
लगातार प्यास लगने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये बीमारियां
- फोटो : AI
3. ज्यादा नमक का सेवन
डाइट में बहुत अधिक नमक लेने से भी प्यास बढ़ सकती है। सोडियम शरीर के तरल संतुलन को प्रभावित करता है और ज्यादा नमकीन भोजन के बाद सामान्य से अधिक पानी पीने की इच्छा हो सकती है।
4. मुंह का सूखना
कभी-कभी वास्तव में शरीर में पानी की कमी नहीं होती, बल्कि मुंह सूखने की वजह से बार-बार प्यास जैसा महसूस होता है। कुछ दवाएं, मुंह से सांस लेना और अन्य कारण इसके पीछे हो सकते हैं।
डाइट में बहुत अधिक नमक लेने से भी प्यास बढ़ सकती है। सोडियम शरीर के तरल संतुलन को प्रभावित करता है और ज्यादा नमकीन भोजन के बाद सामान्य से अधिक पानी पीने की इच्छा हो सकती है।
4. मुंह का सूखना
कभी-कभी वास्तव में शरीर में पानी की कमी नहीं होती, बल्कि मुंह सूखने की वजह से बार-बार प्यास जैसा महसूस होता है। कुछ दवाएं, मुंह से सांस लेना और अन्य कारण इसके पीछे हो सकते हैं।
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लगातार प्यास लगने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये बीमारियां
- फोटो : AI
5. किडनी से जुड़ी समस्या
किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किडनी से जुड़ी कुछ समस्याओं में पेशाब के पैटर्न में बदलाव और प्यास बढ़ने जैसी शिकायत हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
6. कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाओं के कारण मुंह सूख सकता है या पेशाब ज्यादा आ सकता है, जिससे प्यास बढ़ने का अनुभव हो सकता है। यदि किसी नई दवा को शुरू करने के बाद यह समस्या हुई है, तो दवा खुद से बंद करने के बजाय डॉक्टर से बात करें।
किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किडनी से जुड़ी कुछ समस्याओं में पेशाब के पैटर्न में बदलाव और प्यास बढ़ने जैसी शिकायत हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
6. कुछ दवाओं का असर
कुछ दवाओं के कारण मुंह सूख सकता है या पेशाब ज्यादा आ सकता है, जिससे प्यास बढ़ने का अनुभव हो सकता है। यदि किसी नई दवा को शुरू करने के बाद यह समस्या हुई है, तो दवा खुद से बंद करने के बजाय डॉक्टर से बात करें।
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कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बार-बार या अत्यधिक प्यास कई दिनों तक बनी रहती है, रात में बार-बार पेशाब आता है, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है, बिना वजह वजन घट रहा है या चक्कर जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर ब्लड शुगर, इलेक्ट्रोलाइट्स, किडनी फंक्शन और अन्य जांच कराई जा सकती हैं। केवल प्यास के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।