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Food Poisoning Precautions: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा, इन बातों का रखें खास ध्यान
Thu, 09 Jul 2026 12:12 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:12 PM IST
सार
Food Poisoning Rises in Monsoon: अगर बारिश के मौसम में खाने में थोड़ी सी भी लापरवाही की जाए तो फूड पॉइजनिंग आसानी से हो जाती है। इससे बचने के लिए आपको कुछ टिप्स फॉलो करने चाहिए।
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बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
- फोटो : AI
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Food Poisoning Rises in Monsoon: बरसात के दिनों में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होने लगती हैं। ऐसे में यदि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई या स्टोरेज पर ध्यान न दिया जाए, तो फूड पॉइजनिंग का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके कारण पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार, मतली और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
- फोटो : AI
1. हमेशा ताजा और गर्म भोजन करें
मानसून में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा ताजा बना हुआ और अच्छी तरह पका भोजन ही खाएं। लंबे समय तक रखा हुआ या बासी खाना खाने से बचें।
2. स्ट्रीट फूड और खुले में बिकने वाले खाने से बचें
बारिश के मौसम में गोलगप्पे, चाट, कटे फल, पकौड़े और अन्य खुले खाद्य पदार्थों पर धूल, मक्खियां और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
मानसून में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा ताजा बना हुआ और अच्छी तरह पका भोजन ही खाएं। लंबे समय तक रखा हुआ या बासी खाना खाने से बचें।
2. स्ट्रीट फूड और खुले में बिकने वाले खाने से बचें
बारिश के मौसम में गोलगप्पे, चाट, कटे फल, पकौड़े और अन्य खुले खाद्य पदार्थों पर धूल, मक्खियां और बैक्टीरिया आसानी से जमा हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
- फोटो : AI
3. उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं
दूषित पानी फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण का सबसे बड़ा कारण होता है। मानसून में हमेशा उबला हुआ, RO या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
4. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं
फल और सब्जियों पर कीटनाशक, मिट्टी और बैक्टीरिया हो सकते हैं। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। पत्तेदार सब्जियों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
दूषित पानी फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण का सबसे बड़ा कारण होता है। मानसून में हमेशा उबला हुआ, RO या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
4. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं
फल और सब्जियों पर कीटनाशक, मिट्टी और बैक्टीरिया हो सकते हैं। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। पत्तेदार सब्जियों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
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बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
- फोटो : AI
5. खाना सही तरीके से स्टोर करें
बचा हुआ खाना कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न रखें। इसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें।
6. हाथों की साफ-सफाई रखें
खाना बनाने और खाने से पहले कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं। बाहर से आने के बाद भी हाथ साफ करना जरूरी है।
बचा हुआ खाना कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न रखें। इसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें।
6. हाथों की साफ-सफाई रखें
खाना बनाने और खाने से पहले कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं। बाहर से आने के बाद भी हाथ साफ करना जरूरी है।
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बारिश के मौसम में बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
- फोटो : AI
7. कच्चे और पके भोजन को अलग रखें
कच्चे मांस, मछली या अंडे को पके हुए भोजन से अलग रखें। इससे क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा कम होता है।
8. डेयरी प्रोडक्ट्स का ध्यान रखें
दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं। हमेशा ताजा डेयरी प्रोडक्ट्स का ही सेवन करें और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
कच्चे मांस, मछली या अंडे को पके हुए भोजन से अलग रखें। इससे क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा कम होता है।
8. डेयरी प्रोडक्ट्स का ध्यान रखें
दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं। हमेशा ताजा डेयरी प्रोडक्ट्स का ही सेवन करें और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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