जब भी बात अच्छी सेहत की होती है तो उसमें पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम के साथ विशेषज्ञ अब भरपूर नींद लेने को भी जरूरी बताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को रोज रात में 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती तो दिनभर नींद आती रहती है और चिड़चिड़ापन, थकान जैसी समस्या बनी रहती है। अक्सर नींद पूरी न होने के कारण थकान, सिरदर्द, याददाश्त में कमी या काम में ध्यान न लगने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
Sleep: नींद की कमी तो खतरनाक, पर बहुत ज्यादा नींद आने से क्या होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 64 वर्ष के स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। नियमित रूप से 9 घंटे से अधिक सोना समस्या का संकेत हो सकता है।
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बहुत ज्यादा तो नहीं सो रहे आप?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 18 से अधिक उम्र के स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है।
- हालांकि यदि कोई व्यक्ति अक्सर 10 घंटे या उससे अधिक सोता है, फिर भी थका हुआ महसूस करता है या दिन में बार-बार नींद आती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और बीमारी से उबर रहे लोगों में नींद की जरूरत अधिक हो सकती है।
- लेकिन स्वस्थ वयस्क में लंबे समय तक अत्यधिक नींद कई समस्याओं का संकेत हो सकता है।
ज्यादा सोने से क्या होता है?
अध्ययनों में लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा सोने को सेहत के लिए नुकसानदायक बताया गया है।
- ज्यादा सोने वाले लोगों में शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है, जिससे वजन बढ़ने और मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने की संभावना रहती है।
- कुछ लोगों को सिरदर्द, सुस्ती, ध्यान लगाने में कठिनाई और दिनभर थकान भी महसूस हो सकती है।
- यदि अत्यधिक नींद आपकी दिनचर्या और कामकाज को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें।
इन खतरों को भी जानिए
बहुत ज़्यादा नींद आना (हाइपरसोमनिया) अक्सर किसी छिपी हुई मेडिकल समस्या, नींद की खराब क्वालिटी या नींद से जुड़ी बीमारी का संकेत होता है।
- ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (सांस लेने में रुकावट), नार्कोलेप्सी (न्यूरोलॉजिकल बीमारी) और रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी स्थितियां आपकी नींद में रुकावट डालती हैं, जिससे आपको ज्यादा नींद आती है।
- नींद का अनियमित समय (जैसे शिफ्ट में काम करना), ज्यादा तनाव या बहुत ज्यादा कैफीन और शराब का सेवन भी इसका कारण हो सकती है।
- हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी बहुत ज्यादा नींद आने का कारण हो सकता है।
क्या ज्यादा सोना किसी बीमारी का संकेत हो सकता है?
अत्यधिक नींद किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। यदि बहुत ज्यादा सोने के साथ तेज खर्राटे, सांस रुकने की शिकायत, याददाश्त में कमी, अचानक वजन बढ़ने, जैसी समस्याएं हों, तो इसका इलाज कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।