क्या आपके भी आसपास कोई ऐसा है जिसके हाथ-पैर अक्सर कांपते रहते हैं? आमतौर पर इसे बढ़ती उम्र का असर मानकर अनदेखा कर दिया जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि कुछ स्थितियों में ये पार्किंसंस रोग जैसे न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत तक हो सकता है।
Parkinson's Risk: हरदम कांपते रहते हैं हाथ-पैर, आपको पार्किंसंस रोग तो नहीं? जानिए इस रोग के बारे में सबकुछ
World Parkinson's Day 2026: पार्किंसंस रोग दिमाग से जुड़ी ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क धीरे-धीरे डोपामिन नामक केमिकल बनाना कम कर देता है। यही डोपामिन शरीर की मूवमेंट को नियंत्रित करने में मदद करता है।
पार्किंसंस रोग के बारे में जान लीजिए
पार्किंसंस रोग तंत्रिका तंत्र से जुड़ा ऐसा विकार है जो समय के साथ और बढ़ता जाता है। तंत्रिका तंत्र ही शरीर में होने वाली हर हलचल को कंट्रोल करती हैं, इसलिए तंत्रिकाओं में होने वाली किसी भी समस्या का असर शरीर के सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है।
- पार्किंसंस रोग में कंपन होना आम है, लेकिन इस विकार के कारण कुछ लोगों को शरीर में अकड़न, गतिविधियों में धीमापन और संतुलन से संबंधित दिक्कतें भी हो सकती हैं।
- पार्किंसंस रोग वालों के गिरने का खतरा भी ज्यादा होता है, जिससे ज्यादा उम्र के लोगों में फ्रैक्चर होने की समस्या बढ़ जाती है।
- चिंताजनक बात ये है कि अब तक इस रोग का कोई इलाज भी नहीं है, सिर्फ इसके लक्षणों को ठीक करने के लिए दवाएं और थेरेपी दी जाती हैं।
क्यों होती है ये दिक्कत?
मस्तिष्क में न्यूरॉन्स नामक तंत्रिका कोशिकाओं की क्षति इस रोग का कारण बनती है। इसके अलावा मस्तिष्क में डोपामाइन नामक न्यूरोट्रांसमीटर की कमी भी इस रोग को बढ़ाने वाली हो सकती है।
- डोपामाइन की कमी से मस्तिष्क के काम करने का तरीका अनियमित हो जाता है।
- इससे चलने-फिरने में समस्या होने के साथ कई अन्य तरीके की दिक्कतें भी होती रहती हैं।
- पार्किंसंस रोग से पीड़ित लोगों में नॉरएपिनेफ्रिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर की भी कमी देखी जाती है, जो रक्तचाप जैसे कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है।
हालांकि पार्किंसंस रोग असल में होता क्यों है इसे अभी तक अच्छे से समझा नहीं जा सका है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीन और कुछ तरह के पर्यावरणीय कारक जैसे विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से इसका खतरा हो सकता है।
कैसे जानें किसी को पार्किंसंस रोग तो नहीं?
पार्किंसंस मुख्यरूप से नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर है जिसमें मोटर और नॉन-मोटर लक्षण दिखते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में कंपकंपी, यहां तक कि आराम करते समय भी हाथ-पैर कांपते रहने की दिकक्त हो सकती है।
- कई लोगों की मांसपेशियों में अकड़न और पोस्चर में गड़बड़ी भी हो सकती है।
- सूंघने की क्षमता में कमी, नींद में गड़बड़ी और पोस्चर की दिक्कत भी ऐसे लोगों में ज्यादा देखी जाती रही है।
क्या इस रोग से बचा जा सकता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पार्किंसंस रोग से बचाव का कोई तरीका नहीं है। हालांकि आप नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक करके जरूर लाभ पा सकते हैं।
पार्किंसंस रोग का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन समय पर पहचान और सही उपचार से इसके कारण होने वाली दिक्कतों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अगर शरीर में लगातार कंपन, मूवमेंट स्लो होने या संतुलन बिगड़ने जैसी दिक्कतें महसूस हों तो इसे सामान्य समझने की गलती न करें।
कई बार हाथों का मामूली कांपना बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। समय पर डॉक्टरी सलाह की मदद से आप इसके जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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