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फार्मासिस्ट डे: बिना फार्मासिस्ट की सलाह के दवा लेना कितना खतरनाक? जानें सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
Wed, 23 Sep 2026 11:37 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:37 AM IST
सार
World Pharmacist Day: वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे के मौके पर हम आपको बताएंगे सेल्फ मेडिकेशन के बारे में। ज्यादातर लोगों को इसके नुकसानों के बारे में जानकारी नहीं है।
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सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
- फोटो : AI
World Pharmacist Day: आजकल सिरदर्द, बुखार, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द होते ही लोग बिना डॉक्टर से पूछे खुद ही मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं, इसे ही सेल्फ मेडिकेशन कहा जाता है। शुरुआत में इससे आराम मिलता लगता है, लेकिन लंबे समय में यह आदत शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
- फोटो : ANI
1. एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस - दवा बेअसर हो जाना
सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार में अक्सर एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, लेकिन लोग खुद से दवाएं ले लेते हैं। इससे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया धीरे-धीरे दवा के आदी हो जाते हैं और अगली बार उसी एंटीबायोटिक का असर खत्म हो जाता है। WHO भी इसे ग्लोबल हेल्थ के लिए बड़ा खतरा बता चुका है।
सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार में अक्सर एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती, लेकिन लोग खुद से दवाएं ले लेते हैं। इससे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया धीरे-धीरे दवा के आदी हो जाते हैं और अगली बार उसी एंटीबायोटिक का असर खत्म हो जाता है। WHO भी इसे ग्लोबल हेल्थ के लिए बड़ा खतरा बता चुका है।
सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
- फोटो : Adobe Stock
2. लिवर और किडनी पर सीधा असर
हर गोली को पचाने और शरीर से बाहर निकालने का काम लिवर और किडनी करती है। बिना जरूरत के रोज पेनकिलर, बुखार की दवा या गैस की दवा खाने से इन अंगों पर टॉक्सिक लोड बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर एंजाइम बढ़ना और किडनी फंक्शन कमजोर होने का खतरा रहता है।
हर गोली को पचाने और शरीर से बाहर निकालने का काम लिवर और किडनी करती है। बिना जरूरत के रोज पेनकिलर, बुखार की दवा या गैस की दवा खाने से इन अंगों पर टॉक्सिक लोड बढ़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से लिवर एंजाइम बढ़ना और किडनी फंक्शन कमजोर होने का खतरा रहता है।
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सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
- फोटो : Freepik.com
3. गलत डोज - ओवरडोज और अंडरडोज दोनों खतरनाक
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिला और वजन कम-ज्यादा वाले लोगों के लिए दवा की डोज अलग होती है। मेडिकल स्टोर से अंदाजे से दवा लेने पर कई बार ओवरडोज हो जाती है जिससे घबराहट, उल्टी, BP लो होना जैसे साइड इफेक्ट दिखते हैं। वहीं कम डोज लेने से बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और बार-बार लौट आती है।
बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिला और वजन कम-ज्यादा वाले लोगों के लिए दवा की डोज अलग होती है। मेडिकल स्टोर से अंदाजे से दवा लेने पर कई बार ओवरडोज हो जाती है जिससे घबराहट, उल्टी, BP लो होना जैसे साइड इफेक्ट दिखते हैं। वहीं कम डोज लेने से बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और बार-बार लौट आती है।
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सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान
- फोटो : Freepik.com
4. एलर्जी और ड्रग रिएक्शन का डर
कई लोगों को सल्फा ग्रुप, पेनिसिलिन या पेनकिलर से एलर्जी होती है। बिना डॉक्टर को बताए दवा लेने से शरीर पर चकत्ते, खुजली, होंठों में सूजन या सांस फूलने जैसी गंभीर एलर्जी हो सकती है। फार्मासिस्ट ही आपकी हिस्ट्री देखकर बता सकता है कि कौन सी दवा आपके लिए सेफ नहीं है।
कई लोगों को सल्फा ग्रुप, पेनिसिलिन या पेनकिलर से एलर्जी होती है। बिना डॉक्टर को बताए दवा लेने से शरीर पर चकत्ते, खुजली, होंठों में सूजन या सांस फूलने जैसी गंभीर एलर्जी हो सकती है। फार्मासिस्ट ही आपकी हिस्ट्री देखकर बता सकता है कि कौन सी दवा आपके लिए सेफ नहीं है।