साल 2019 का दूसरा ग्रहण 21 जनवरी को लगने वाला है। बता दें, यह साल का पहला पूर्ण चंद्रगहण है। भारतीय समयानुसार 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 21 जनवरी की शाम 3:33 बजे पर खत्म होगा जिसके बाद कुल चंद्रग्रहण रात 11:41 बजे से शुरू होगा। आइए जानते हैं इस दौरान इसके असर से बचने के लिए कौन से ऐसे काम हैं जिन्हें करने से अक्सर सबको बचना चाहिए।
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चंद्र ग्रहण 2019: ग्रहण के दौरान जरूर बरतें ये सावधानियां, वरना मुश्किल में पड़ सकते हैं आप
Sun, 20 Jan 2019 03:19 PM IST
kapil kumar
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
Published by: kapil kumar
Updated Sun, 20 Jan 2019 03:19 PM IST
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खाना
कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात कही जा चुकी है कि ग्रहण के समय मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। ऐसे में पेट में दूषित भोजन और पानी जाने पर बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों उसमें कुशा और तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। कुशा और तुलसी में ग्रहण के समय पर्यावरण में फैल रहे जीवाणुओं को संग्रहित करने की अद्भुत शक्ति होती है।
कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात कही जा चुकी है कि ग्रहण के समय मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। ऐसे में पेट में दूषित भोजन और पानी जाने पर बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों उसमें कुशा और तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। कुशा और तुलसी में ग्रहण के समय पर्यावरण में फैल रहे जीवाणुओं को संग्रहित करने की अद्भुत शक्ति होती है।
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शारीरिक संबंध
सूतक के समय कभी भी पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। कहा जाता है कि इस समय बनाए गए शारीरिक संबध से पैदा हुए बच्चे को जीवन भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सूतक के समय कभी भी पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। कहा जाता है कि इस समय बनाए गए शारीरिक संबध से पैदा हुए बच्चे को जीवन भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रहण की छाया
चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से ग्रहण की छाया पड़ने से बचना चाहिए । ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणें बेहद हानिकारक होती हैं जिसका प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।
चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से ग्रहण की छाया पड़ने से बचना चाहिए । ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणें बेहद हानिकारक होती हैं जिसका प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।
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पूजा
ग्रहण के समय कहा जाता है कि पूजा पाठ नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि कई मंदिरों में भी मंदिर के कपाट ग्रहण के समय बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में पूजा, उपासना या देव दर्शन करना वर्जित होता है इसलिए आप अपने मन में ईश्वर को याद करें।
ग्रहण के समय कहा जाता है कि पूजा पाठ नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि कई मंदिरों में भी मंदिर के कपाट ग्रहण के समय बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में पूजा, उपासना या देव दर्शन करना वर्जित होता है इसलिए आप अपने मन में ईश्वर को याद करें।