Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2023 Anmol Vachan: महिलाओं को स्वतंत्रता से जीने के लिए रूढ़िवादी विचारों वाले समाज में सुधार लाने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले का विशेष योगदान रहा है। ज्योतिबा फुले का पूरा नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले है। आज ज्योतिबा फुले की जयंती है। 11 अप्रैल 1827 में पुणे के गोविंदराव और चिमनाबाई के घर में ज्योतिराव का जन्म हुआ था। उनका परिवार पेशवाओं के लिए फूल वाले का काम करते थे। मराठी में उन्हें फुले कहा जाता था। उस दौर में महिला विरोधी कुरीतियां फैली हुईं थीं। बाल विवाह, महिलाओं और विधवाओं का शोषण आम बात थी। लेकिन ज्योतिराव फुले ने महिला विरोधी कुरीतियों और शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। 19वीं सदी के महान समाज सुधारकों में ज्योतिबा फुले का नाम शामिल हैं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया। जीवन भर उन्होंने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बाल विवाह के खिलाफ और विधवा विवाह के समर्थन में कार्य किया और महिलाओं के लिए स्कूल भी खोला। महान समाजसुधारक, क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उनके अनमोल विचार पढ़ें और जीवन में आत्मसात करें।
Jyotiba Phule Jayanti 2023: महिला अधिकारों के लिए उठाई आवाज, जयंती पर पढ़ें ज्योतिबा फुले के प्रेरणादायी विचार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अच्छा काम करने के लिए गलत उपायों का सहारा नहीं लेना चाहिए।
ज्योतिबा फुले
शिक्षा स्त्री और पुरुष की प्राथमिक आवश्यकता है।
ज्योतिबा फुले
शिक्षा के बिना समझदारी खो गई,
समझदारी के बिना नैतिकता खो गई,
नैतिकता के बिना विकास खो गया,
धन के बिना शूद्र बर्बाद हो गया।
शिक्षा महत्वपूर्ण है।
ज्योतिबा फुले
अगर कोई किसी प्रकार का सहयोग करता है, तो उससे मुंह मत मोड़िए।
ज्योतिबा फुले